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ग्रामीणों ने खड़िया खनन पर उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Sat, 12 Nov 2016 10:56 PM IST
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खनन करती मशीन
- फोटो : अमर उजाला
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कांडा में ग्रामीणों ने गैस गोदाम के समीप मशीन से हो रहे खड़िया खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग मुखर कर दी है। ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र खड़िया खनन बंद नहीं होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि चनेत में गैस गोदाम से महज पांच मीटर की दूरी पर मशीन लगाकर खड़िया खनन किया जा रहा है। इससे गैस गोदाम के भवन को खतरा पैदा हो गया है। इतना ही नहीं खनन स्थल के ठीक ऊपर दलित बस्ती है जिसमें 150 लोग निवास करते हैं। खनन से भविष्य में भूस्खलन और पेयजल स्रोत सूखने का खतरा भी है। ग्रामीणों का कहना है कि कांडा-भाकड़पंत सड़क की दूरी खनन स्थल से महज छह मीटर है। यदि सड़क को नुकसान पहुंचा तो अंबेडकर गांव भाकड़ पंत, नागकन्याल, कांडेकन्याल, सुनारगांव, जड़ाग्वात सहित 10 गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट जाएगा।
ग्रामीणों ने एसडीएम से शीघ्र खड़िया खनन को बंद करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में साधु राम, हरीश राम, ललित प्रसाद, पूरन राम, घनश्याम, शेर राम, मदन राम, नरेश राम, कमला देवी सहित सभी ग्रामीण शामिल थे। इस संबंध में कांडा की उपजिलाधिकारी रिंकू बिष्ट ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। संयुक्त निरीक्षण के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। खनन कार्य मानकों के अनुसार हो रहा है या नहीं इसके लिए खनन विभाग, भूगर्भ विभाग, पीडब्लूडी सहित सभी विभागों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।
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एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि चनेत में गैस गोदाम से महज पांच मीटर की दूरी पर मशीन लगाकर खड़िया खनन किया जा रहा है। इससे गैस गोदाम के भवन को खतरा पैदा हो गया है। इतना ही नहीं खनन स्थल के ठीक ऊपर दलित बस्ती है जिसमें 150 लोग निवास करते हैं। खनन से भविष्य में भूस्खलन और पेयजल स्रोत सूखने का खतरा भी है। ग्रामीणों का कहना है कि कांडा-भाकड़पंत सड़क की दूरी खनन स्थल से महज छह मीटर है। यदि सड़क को नुकसान पहुंचा तो अंबेडकर गांव भाकड़ पंत, नागकन्याल, कांडेकन्याल, सुनारगांव, जड़ाग्वात सहित 10 गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट जाएगा।
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ग्रामीणों ने एसडीएम से शीघ्र खड़िया खनन को बंद करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में साधु राम, हरीश राम, ललित प्रसाद, पूरन राम, घनश्याम, शेर राम, मदन राम, नरेश राम, कमला देवी सहित सभी ग्रामीण शामिल थे। इस संबंध में कांडा की उपजिलाधिकारी रिंकू बिष्ट ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। संयुक्त निरीक्षण के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। खनन कार्य मानकों के अनुसार हो रहा है या नहीं इसके लिए खनन विभाग, भूगर्भ विभाग, पीडब्लूडी सहित सभी विभागों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।
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