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हर्षोल्लास के साथ मनाई गई वसंत पंचमी
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सरयू नदी के सूरजकुंड घाट बागेश्वर में जनेऊ, उपनयन संस्कार करते लोग।
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। वसंत पंचमी का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया गया। पूजा, अर्चना के साथ पर्व का शुभारंभ हुआ। घरों की देहरी, चौखट पर भी गाय के गोबर से जौ के पौधे चिपकाए गए। बड़ी संख्या में लोगों ने सरयू नदी में स्नान करने के साथ बागनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की। घर के बुजुर्गों ने बच्चों को जौ लगाकर आशीर्वाद दिया। बहनों ने भाईयों को जौ लगाकर उनके सुखी जीवन की कामना की। ब्यूरो
उपनयन संस्कार कराने वालों की रही भीड़
बागेश्वर। वसंत पंचमी के मौके पर सरयू नदी किनारे उपनयन संस्कार कराने वालों की भी खासी भीड़ रही। सुबह से सूरजकुंड और सरयू बगड़ पर जनेऊ संस्कार कराने वालों का तांता लगा रहा। लोगों ने दूरदराज से आकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अपने बच्चों का उपनयन संस्कार कराया। पंडित डॉ. एनके जोशी ने बताया कि मां सरस्वती का जन्मदिन होने के कारण पहले से इस दिन विद्यारंभ संस्कार भी होता था। तब से वसंत पंचमी के दिन उपनयन संस्कार कराना शुभ माना जाता है। उन्होंने बताया कि इस दिन को सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। यज्ञोपीत, विवाह, अन्नप्रासन, कर्णभेद आदि कार्यों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। ब्यूरो
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उपनयन संस्कार कराने वालों की रही भीड़
बागेश्वर। वसंत पंचमी के मौके पर सरयू नदी किनारे उपनयन संस्कार कराने वालों की भी खासी भीड़ रही। सुबह से सूरजकुंड और सरयू बगड़ पर जनेऊ संस्कार कराने वालों का तांता लगा रहा। लोगों ने दूरदराज से आकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अपने बच्चों का उपनयन संस्कार कराया। पंडित डॉ. एनके जोशी ने बताया कि मां सरस्वती का जन्मदिन होने के कारण पहले से इस दिन विद्यारंभ संस्कार भी होता था। तब से वसंत पंचमी के दिन उपनयन संस्कार कराना शुभ माना जाता है। उन्होंने बताया कि इस दिन को सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। यज्ञोपीत, विवाह, अन्नप्रासन, कर्णभेद आदि कार्यों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। ब्यूरो
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