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उत्तरायणी मेले के लिए हुड़के, ढोल और दमाऊ कसने लगे
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Wed, 11 Jan 2017 10:34 PM IST
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बागेश्वर में सजने लगा मेला
- फोटो : अमर उजाला
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भगवान बागनाथ की नगरी में 13 जनवरी से शुरू हो रहे कुमाऊं के सुप्रसिद्ध उत्तरायणी मेले की तैयारी अब अंतिम पड़ाव पर है। मेले में आने वाले लोक कलाकार अपने कार्यक्रमों को धार देने के साथ ही हुड़के, ढोल और दमाऊ कस रहे हैं। मेले के कई प्रस्तावित कार्य पूरे हो चुुके हैं। राजनीतिक दल मकर संक्रांति के दिन जुुुलूस निकालकर ऐतिहासिक सरयू बगड़ में सभा करते हैं। कार्यकर्ता रैली की सफलता के लिए गांव गांव में संपर्क कर रहे हैं। इस लिहाज से भी मेले में इस बार खासी भीड़ जुटने का अनुमान लगाया जा रहा है।
नगर में इस बार उत्तरायणी का मेला 13 से 18 जनवरी तक लग रहा है। मेले को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए नगर पालिका परिषद ने अधिकतर काम पूरे कर लिए है। मेलास्थल नुमाइशखेत आकर्षक ढंग से सज रहा है। यहां विकास प्रदर्शनी के लिए स्टॉल तैयार हो रहे हैं।
सरयू और नगर में स्वच्छता अभियान पूरा हो चुुका है। पौराणिक बागनाथ और अन्य मंदिरों में स्वच्छता अभियान पूरा कर उन्हें आकर्षक ढंग से सजाया गया है। बाहरी क्षेत्रों से ऊन, रिंगाल, लोहे के बर्तनों समेत अन्य उत्पादों के व्यापारी यहां पहुंचने लगे हैं। नगर पालिका परिषद ने प्रस्तावित अधिकतर कार्य पूरे कर लिए हैं।
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नगर में इस बार उत्तरायणी का मेला 13 से 18 जनवरी तक लग रहा है। मेले को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए नगर पालिका परिषद ने अधिकतर काम पूरे कर लिए है। मेलास्थल नुमाइशखेत आकर्षक ढंग से सज रहा है। यहां विकास प्रदर्शनी के लिए स्टॉल तैयार हो रहे हैं।
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सरयू और नगर में स्वच्छता अभियान पूरा हो चुुका है। पौराणिक बागनाथ और अन्य मंदिरों में स्वच्छता अभियान पूरा कर उन्हें आकर्षक ढंग से सजाया गया है। बाहरी क्षेत्रों से ऊन, रिंगाल, लोहे के बर्तनों समेत अन्य उत्पादों के व्यापारी यहां पहुंचने लगे हैं। नगर पालिका परिषद ने प्रस्तावित अधिकतर कार्य पूरे कर लिए हैं।
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