फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Unemployment in Kumaon

घर पर रोजगार मिले तो क्यों जाएंगे बाहर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2020 11:09 PM IST
विज्ञापन
Unemployment in Kumaon
बागेश्वर। लॉकडाउन के चलते बाहरी प्रदेशों से घर लौटे प्रवासी एक स्वर से घर पर रोजगार करने की इच्छा जता रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि बाहरी प्रदेशों में मामूली नौकरी करना उन लोगों की मजबूरी है। यदि सरकार उन लोगों को घर पर स्वरोजगार कराने के लिए आगे आए तो वह लोग बाहर क्यों जाएंगे।
विज्ञापन

अमर उजाला ने शुक्रवार को गरुड़ क्षेत्र के छटिया, ग्वाड़ पजेड़ा, मनाखेत में क्वारंटीन किए गए लोगों की मन की थाह ली। घर लौटे प्रवासियों का कहना था कि सरकारी स्तर पर स्वरोजगार उपलब्ध कराने की कवायद चल रही है। वह लोग सरकार की कवायद को परवान चढ़ते देखना चाहते हैं। अपना हुनर का उपयोग गांव, क्षेत्र में करना चाहते हैं। कहते हैं कि यदि यहां पर रोजगार नहीं मिलेगा तो लॉकडाउन समाप्त होने के बाद घर से बाहर निकलना उनकी मजबूरी होगी।
विज्ञापन

बाहरी प्रदेशों से लौटे आठ लोग डंगोली (गरुड़) क्षेत्र के प्राथमिक पाठशाला छटिया में क्वारंटीन किए गए हैं। दो लोग ग्वाड़ पजेड़ा के पंचायत घर में तो दो लोग मनाखेत के प्राथमिक पाठशाला में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में रह रहे हैं। यह लोग भोजन की व्यवस्था स्वयं कर रहे हैं। छटिया में पानी की व्यवस्था नहीं थी। ग्राम प्रधान कुसुमलता मेहता ने पानी की व्यवस्था की है। रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्य प्रमोद जोशी इन लोगों को साबुन और मास्क दिलाकर योगासन भी करा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

गुरुग्राम में रेस्टोरेंट में काम करता था। लॉकडाउन के कारण नौकरी चली गई। खाने को भी नहीं था। सरकार ने वाहन की व्यवस्था की, घर पहुंच गए हैं। घर में कोई कमाने वाला नहीं है। गांव में ही रोजगार करना चाहता हूं।
- राकेश कुमार, ग्वाड़ पजेड़ा
बदरपुर बॉर्डर के होटल में काम करता था। होटल बंद होने से खाने के भी लाले पड़ गए थे। सरकार ने घर पहुंचाया है। सरकार रोजगार दिला दे तो अपनी माटी को छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगा। लोगों को भी रोजगार दूंगा।
- हरीश चंद्र तिवारी, ग्वाड़ पजेड़ा
गुरुग्राम में नौकरी करता था। डेढ़ महीना गुरुग्राम में फंसा रहा। सरकार से गुजारिश है कि स्वरोजगार के लिए आर्थिक मदद करे। सरकार पहल करती है तो वह दोबारा बाहरी राज्य का रुख नहीं करेंगे।

- हीराबल्लभ जोशी, ग्राम छटिया
गुरुग्राम में निजी कंपनी में नौकरी करता था। लॉकडाउन के कारण नौकरी छूट गई। सरकार से यही निवेदन है कि घर पर स्वरोजगार करने के लिए आर्थिक संसाधन दिला दे, ताकि घर-गांव छोड़कर बाहर न जाना पड़े।
- भुवन चंद्र जोशी, छटिया
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed