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दो पुलिया बह गईं, आठ मकान खतरे की जद में

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2020 11:09 PM IST
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Two culverts washed away, eight houses in danger
कपकोट के गडेरा में क्षतिग्रस्त जनमिलन केंद्र। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। कपकोट विकासखंड के नरगड़ा, तिब्बती, गडेरा धुलौनी क्षेत्र को बीते 28 जुलाई की अतिवृष्टि ने अलग-थलग कर दिया है। भूस्खलन से आठ मकान खतरे की जद में आ गए हैं। गांवों को जोड़ने वाली दो पुलिया बह गई हैं, एक खतरे की जद में है। इन गांवों के लिए विकासखंड मुख्यालय से करीब 10 किमी पैदल चलना पड़ता है।
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28 जुलाई की रात हुई अतिवृष्टि से नरगड़ा, जालेख, गडेरा, भयूं, गुलुम परगड़, खर्कू कानातोली क्षेत्र में जबरदस्त तबाही मची है। भूस्खलन से डगेरा में जनमिलन केंद्र ध्वस्त हो गया था। तिब्बती गांव को जोड़ने वाली दो पुलिया बह गई और भैस्यूड़ी को जोड़ने वाली पुलिया का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त है, जिससे पुलिया के गिरने का खतरा बना हुआ है। कभी भी गिर सकती है।
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जिला पंचायत सदस्य वंदना ऐठानी दो अगस्त को 10 किमी पैदल चलकर आपदा प्रभावित इलाके में पहुंची थीं। उन्होंने क्षति की जानकारी कपकोट के एसडीएम प्रमोद कुमार को देते हुए राहत-बचाव के कार्य करने की मांग की थी। ऐठानी का कहना है कि इलाके के हालात काफी खराब है। लोग भारी मुसीबत में हैं। शासन, प्रशासन को तत्काल राहत देनी चाहिए।
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इनके मकानों के लिए पैदा हो गया खतरा
भूस्खलन से नरगड़ा के किरौड़ा तोक में खड़क सिंह पुत्र महनर सिंह, शेर सिंह पुत्र बची सिंह, तिब्बती तोक के जगदीश सिंह पुत्र खुशाल सिंह, भवानी देवी पत्नी नैन सिंह, उत्तम सिंह पुत्र खुशाल सिंह, मनोज सिंह पुत्र खुशाल सिंह, भूपाल सिंह पुत्र मोहन सिंह और राजेंद्र सिंह पुत्र खीम सिंह के मकानों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
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रास्ते, पानी की योजनाएं ध्वस्त, कृषि योग्य भूमि, मछली तालाब बहा
बागेश्वर। अतिवृष्टि से नरगड़ा से रतगड़ा, नरगड़ा से किरौड़ाल, भैस्यूड़ी से रीमा जाने वाला पैदल रास्ता ध्वस्त हो गया है। जालेख में दो और भयूं में एक पेयजल योजना ध्वस्त हो गई है। गडेरा, नरगड़ा, धुलौनी में कृषि योग्य भूमि बह गई है। किरौली के कंडलो तोक में भूपाल सिंह का मछली का तालाब बह गया है।

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नरगड़ा, गडेरा क्षेत्र में हुई क्षति का आंकलन कर लिया गया है। संबंधित विभाग स्टीमेट बना रहे हैं। कागजी कार्यवाही पूरी होने के बाद पुनर्निर्माण के कार्य शुरू किए जाएंगे। - प्रमोद कुमार एसडीएम कपकोट
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