कांडा में उफनाए गधेरे में पांचवीं के छात्र सहित दो बहे
कांडा तहसील में मूसलाधार बारिश से उफनाए गधेरे में स्कूल से घर लौट रहे पांचवीं के छात्र सहित दो लोग बह गए। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ और पुलिस की टीमों ने ग्रामीणों के साथ खोजबीन शुरू की। करीब सात घंटे तक खोज के बाद भी दोनों का कहीं पता नहीं चला।
ढोला गांव निवासी मनीष कुमार (11) पुत्र प्रकाश राम प्राथमिक स्कूल पंचौड़ा में पढ़ता है। शुक्रवार को छुट्टी के बाद वह साथियों के साथ घर लौट रहा था। रास्ते में वह उफान पर आए ढोला गधेरे में बह गया। उसके सहपाठियों ने इसकी सूचना गांव पहुंचकर ग्रामीणों को दी।
ग्रामीणों की सूचना पर कांडा थाने से पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर मनीष की खोज शुरू की। करीब सात घंटे तक खोजने के बाद भी छात्र का पता नहीं लग सका। एसडीएम रिंकू बिष्ट और तहसीलदार ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया।
इधर, एक अन्य घटना में शाम करीब पांच बजे कांडा तहसील के ही भद्रकाली से लगे बनेगांव में एक ग्रामीण उफनाए गधेरे में बह गया। बनेगांव नायल निवासी श्याम सिंह (40) पुत्र मलक सिंह मवेशियों को चराकर घर लौट रहे थे।
गांव के पास ही उफनाए गधेरे को पार करते समय वह बह गए। कांडा की एसडीएम रिंकू बिष्ट ने बताया कि सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम को मौके पर भेजा गया है। समाचार लिखे जाने तक श्याम सिंह की खोज भी जारी थी।
गधेरे के पास बेटे को पुकारती रही मां
कांडा (बागेश्वर)। स्कूल से घर लौटते समय नाले में बहे पांचवीं के छात्र मनीष की मां अनीता देवी घटना के बाद से ही बदहवास हैं। बारिश के बीच उफान पर आए गधेरे के किनारे रोती-बिलखती घंटों तक वह बेटे को पुकारती रही। आठ माह पहले ही उनके पति की मौत हुई है।
ढोलागांव निवासी अनीता देवी मजदूरी करके अपने तीन बच्चों को पढ़ाती है। आठ माह पूर्व ही उनके पति प्रकाश राम की मौत हो गई थी। शुक्रवार को छोटे बेटे मनीष के बरसाती गधेरे में बहने की घटना से वह बदहवास हो गई हैं। खोज के बाद भी मनीष का कोई सुराग नहीं लगने के बाद भी वह गधेरे के आसपास रोती बिलखती रहीं। बाद में परिजन बमुश्किल उसे समझा बुझाकर घर ले गए।
रुकने का इशारा करने के बाद भी नहीं रुका मनीष
कांडा। जिस स्थान पर बरसाती नाले में मनीष बहा, उससे कुछ ही मीटर दूरी पर ही पुल बना है। स्कूल से घर लौटने के लिए मनीष जब गधेरे को पार करने का प्रयास कर रहा था, तब खेतों में घास काट रही एक महिला ने उसको रुकने का इशारा किया था। लेकिन, मनीष नहीं रुका और देखते ही देखते उफान पर आए नाले में बह गया।