{"_id":"df90c5b193cd79029f55149f92a224a2","slug":"trc-building-is-made-the-three-million-won-in-soil-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीआरसी भवन बना नहीं, तीन लाख मिट्टी में मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीआरसी भवन बना नहीं, तीन लाख मिट्टी में मिले
ब्यूरो/अमर उजाला, कपकोट (बागेश्वर)।
Updated Wed, 24 Feb 2016 01:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुमाऊं मंडल विकास निगम ने पांच साल पहले नगर पंचायत के पालीडुंगरा में पर्यटक आवास गृह के निर्माण के लिए तीन लाख रुपये खर्च कर पहाड़ी का कटान कर उसे लावारिस हालत में छोड़ दिया है। निगम प्रशासन ने तत्कालीन जनप्रतिधियों के दबाव भूमि की ठीक से जांच पड़ताल नहीं की।
विज्ञापन
बाद में विभाग के उच्चाधिकारियों ने मौका मुआयना करके जगह को असुरक्षित बताया। लोगों का कहना है कि यदि विभागीय अधिकारियों ने तब सूझबूझ से काम लिया होता तो सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं होता।
विज्ञापन
समय से दूसरी जगह टीआरसी बनता तो पर्यटकों की आमद बढ़ती क्षेत्र के विकास और रोजगार को नए आयाम मिलते। लोगों ने शासन और प्रशासन से टीआरसी का निर्माण शीघ्र कराने की मांग की है।
विज्ञापन