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भूस्खलन से बागेश्वर की पांच से अधिक सड़कों पर यातायात बंद
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बागेश्वर में सड़क की गलत ढाल के कारण गोमती पुल से नदीगांव जाते समय राहगीरों को कीचड़ से जूझना पड़ ?
- फोटो : BAGESHWAR
कपकोट/बागेश्वर। बागेश्वर में मंगलवार रात हुई तेज बारिश के कारण हुए भूस्खलन से बिजली, पानी और यातायात व्यवस्था गड़बड़ा गई। बारिश से जिले की पांच से अधिक सड़कों पर यातायात बंद हो गया। वहीं एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। मंडलसेरा स्थित भारतीय थल सेना के अस्पताल (ईसीएचएस) में भी कीचड़ भर गया।
ईसीएचएस मंडलसेरा के सूबेदार महेश कांडपाल ने बताया कि मलबा अटकने से गांव के नाले का बहाव बदल गया। इस कारण पूरा अस्पताल परिसर जलमग्न हो गया। मोहल्ला मजियाखेत निवासी युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव कवि जोशी ने बताया कि मंगलवार रातभर हुई मूसलाधार बारिश से भारी नुकसान हुआ है। घर के पीछे की सुरक्षा दीवार टूट गई है। दीवार में भी दरारें आ गई हैं।
इस कारण आन-जाने का रास्ता भी बंद हो गया है। वहीं दीवार और पास में लगा बिजली का खंबा कभी भी गिर सकता है। तहसीलदार नवाजिश खलिक ने बताया कि मंगलवार रात हुई बारिश से ग्राम गुरना निवासी मीनादेवी पत्नी रमेश सिंह का आवासीय भवन टूट गया है। इस कारण उनके परिजनों को अपने रिश्तेदार के घर रहना पड़ रहा है। राजस्व उपनिरीक्षक ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट तहसील में दे दी है। अब प्रशासन प्रभावित परिवार को नियमानुसार राहत सहायता राशि देगा।
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सड़कें बंद होने से लोग परेशान
बागेश्वर। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि सड़कों पर मलबा अटकने से गिरेछिना से अमसरकोट, सौंग से खलीधर, डौनी से सुरमंडा, कंधार से रौल्याणा, मजकोट, तोली से बघर, रिखाड़ी से बाछम, रौल्याणा से लोहागढ़ी मोटर मार्ग पर यातायात बंद है। हालांकि लोनिवि के इंजीनियरों ने अमसरकोट रोड पर यातायात बहाली का दावा किया है।
सरयू का जलस्तर बढ़ा
जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई बारिश को बागेश्वर में 40 मिमी, कपकोट में 25 मिमी, गरुड़ में पांच मिमी मापा गया। इस दौरान सरयू में 866.20 मीटर, गोमती में 863.30 मीटर जलस्तर रहा जबकि खतरे का स्तर 870.70 मीटर है। बैजनाथ बैराज पर 1112.20 मीटर जलस्तर रहा जबकि डिस्चार्ज 91.39 क्यूसेक रहा।
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ईसीएचएस मंडलसेरा के सूबेदार महेश कांडपाल ने बताया कि मलबा अटकने से गांव के नाले का बहाव बदल गया। इस कारण पूरा अस्पताल परिसर जलमग्न हो गया। मोहल्ला मजियाखेत निवासी युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव कवि जोशी ने बताया कि मंगलवार रातभर हुई मूसलाधार बारिश से भारी नुकसान हुआ है। घर के पीछे की सुरक्षा दीवार टूट गई है। दीवार में भी दरारें आ गई हैं।
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इस कारण आन-जाने का रास्ता भी बंद हो गया है। वहीं दीवार और पास में लगा बिजली का खंबा कभी भी गिर सकता है। तहसीलदार नवाजिश खलिक ने बताया कि मंगलवार रात हुई बारिश से ग्राम गुरना निवासी मीनादेवी पत्नी रमेश सिंह का आवासीय भवन टूट गया है। इस कारण उनके परिजनों को अपने रिश्तेदार के घर रहना पड़ रहा है। राजस्व उपनिरीक्षक ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट तहसील में दे दी है। अब प्रशासन प्रभावित परिवार को नियमानुसार राहत सहायता राशि देगा।
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सड़कें बंद होने से लोग परेशान
बागेश्वर। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि सड़कों पर मलबा अटकने से गिरेछिना से अमसरकोट, सौंग से खलीधर, डौनी से सुरमंडा, कंधार से रौल्याणा, मजकोट, तोली से बघर, रिखाड़ी से बाछम, रौल्याणा से लोहागढ़ी मोटर मार्ग पर यातायात बंद है। हालांकि लोनिवि के इंजीनियरों ने अमसरकोट रोड पर यातायात बहाली का दावा किया है।
सरयू का जलस्तर बढ़ा
जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई बारिश को बागेश्वर में 40 मिमी, कपकोट में 25 मिमी, गरुड़ में पांच मिमी मापा गया। इस दौरान सरयू में 866.20 मीटर, गोमती में 863.30 मीटर जलस्तर रहा जबकि खतरे का स्तर 870.70 मीटर है। बैजनाथ बैराज पर 1112.20 मीटर जलस्तर रहा जबकि डिस्चार्ज 91.39 क्यूसेक रहा।