टिकट के दावेदारों ने दिग्गजों की बढ़ाई टेंशन
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चुनावी रणभेरी के बजते ही भाजपा और कांग्रेस में टिकट को लेकर लगातार बढ़ रही दावेदारी ने दिग्गजों की टेंशन बढ़ा दी है।
2014 में सोमेश्वर विधायक और केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने चुनाव लड़ा और सीट पर भाजपा का परचम लहराया। भाजपा में अभी तक उनकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। उनकी मुसीबत यह है कि यहां से कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुई सोमेश्वर से चुनाव लड़ी और विधायक बनी रेखा आर्य भी दावेदार हैं। बागेश्वर में तीन बार विधायक बने चंदन राम दास ने भी दावेदारी कर रहे हैं।
कांग्रेस में भी यही घमासान छिड़ा हुआ है। राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा को कांग्रेस प्रबल दावेदार माना जा रहा है। प्रदीप टम्टा को पार्टी से ही चुनौती मिल रही है। सज्जन लाल टम्टा, बालकृष्ण, रंजीत दास, गीता ठाकुर, हरीश आर्य ने भी ताल ठोंकी है।
मैंने सांसद प्रत्याशी के लिए पार्टी हाईकमान के समक्ष दावेदारी पेश की है। बागेश्वर सीट पर जनता ने मुझे तीन बार आशीर्वाद दिया है। समर्थकों व कार्यकर्ताओं भी भावना है कि टिकट मुझे मिलना चाहिए। मुझे विश्वास है कि टिकट निर्धारित करते वक्त पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का जरूर खयाल रखेगी। - चंदन दास, भाजपा विधायक बागेश्वरविज्ञापन विज्ञापन
अल्मोड़ा सीट पर सांसद प्रत्याशी के लिए मेरी दावेदारी है। हाईकमान के समक्ष मैंने दावेदारी पेश की है। बागेश्वर सहित चारों जिलों के कार्यकर्ताओं का समर्थन मेरे पास है। -रंजीत दास, कांग्रेस से दावेदार
कांग्रेस हाईकमान ने 2017 में मुझे विधायक प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारा था। इस बार भी मैंने सांसद प्रत्याशी के तौर पर दावेदारी की है। सभी जिलाध्यक्ष व अन्य संगठनों के पदाधिकारी मेरे पक्ष में हैं। मुझे उम्मीद है कि पार्टी मेरे नाम पर जरूर विचार करेगी। - बालकृष्ण, कांग्रेस से दावेदार
टिकट के लिए आला कमान से दावेदारी की है। पैनल में भी मेरा नाम गया है। - सज्जन लाल टम्टा, कांग्रेस से दावेदार