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शराब के विरोध में कपकोट और शामा की महिलाएं सड़कों पर
Updated Thu, 06 Apr 2017 10:55 PM IST
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शामा में विधायक भौर्याल को घेरकर ज्ञापन देतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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नगर पंचायत क्षेत्र के पुल बाजार, कपकोट और शामा क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने की सुगबुगाहट से बृहस्पतिवार को महिलाओं का गुस्सा चरम पर पहुंच गया। उन्होंने कपकोट और शामा में हाथ में बिच्छू घास, दरांती और डंडे लेकर जुलूस निकाला। शामा की महिलाओं ने क्षेत्र के भ्रमण पर पहुंचे विधायक बलवंत भौर्याल तो कपकोट की महिलाओं ने तहसील में एसडीएम का घेराव किया। उन्होंने दोनों को ज्ञापन सौंपे। इसमें उन्होंने इलाके में शराब की दुकानें खुलने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाइवे से शराब की दुकानें हटनी हैं। इसके तहत दुकानों को दूसरे इलाकों में खोलने की तैयारी चल रही है। बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत कपकोट और नगर क्षेत्र की महिलाएं शिवालय में जमा हुईं। यहां उन्होंने शराब की दुुुकान के विरोध में मां भगवती संघर्ष समिति का गठन किया। समिति के लिए हंशी कपकोटी अध्यक्ष, गोविंदी कपकोटी, रीता बिष्ट उपाध्यक्ष, हंशी पत्नी राजेंद्र कपकोटी सचिव, हेमा कपकोटी को संरक्षक जबकि विमला, चंद्रा कपकोटी, लक्ष्मी देवी, दीपा गढ़िया, राधा देवी, उमा मेहता को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया। इसके बाद महिलाएं शिव और भगवती माता के जयकारे के साथ जुलूस की शक्ल में तहसील मुख्यालय पहुंचीं। यहां हुई सभा वक्ताओं ने कहा कि वह भराड़ी के नाम से खुली शराब की दुकानों को किसी भी हालत में पुल बाजार, कपकोट बाजार और मंडलखेत में नहीं खोलने देंगी। शराब के कारण इलाके में अशांति रहेगी।
उन्होंने एसडीएम का घेराव कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने शराब की दुकान खोलने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। एसडीएम विरेंद्र बिष्ट ने आश्वस्त किया कि आबादी वाले क्षेत्रों में दुकानें नहीं खोली जाएंगी। कहा कि शराब के अवैध धंधे के खिलाफ छापेमारी जारी रहेगी। जुलूस में महिलाओं के साथ ग्राम प्रधान पूरन कपकोटी, सभासद गिरीश जोशी और महिमन कपकोटी आदि शामिल थे।
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उधर शामा और खड़लेख क्षेत्र की महिलाओं ने शराब के विरोध में शामा कस्बे में नारेबाजी के साथ जुलूस निकाला। यहां उन्होंने भ्रमण पर पहुंचे विधायक भौर्याल का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने विधायक से आसपास के गांवों में किसी भी दशा में शराब की दुकानें नहीं खोलने की मांग की। मांग नहीं माने जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। विधायक ने महिलाओं को जन भावनाओं का सम्मान करने का आश्वासन दिया। मामले में सीएम से भी बात की जाएगी। जुलूस और घेराव करने वालों में पुष्पा, भागीरथी, इंद्रा, दीपा, रमुली, बचुली, चंपा, राखी, धना, भवानी, धनुली, सीमा, गोविंदी और बबीता आदि शामिल थीं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाइवे से शराब की दुकानें हटनी हैं। इसके तहत दुकानों को दूसरे इलाकों में खोलने की तैयारी चल रही है। बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत कपकोट और नगर क्षेत्र की महिलाएं शिवालय में जमा हुईं। यहां उन्होंने शराब की दुुुकान के विरोध में मां भगवती संघर्ष समिति का गठन किया। समिति के लिए हंशी कपकोटी अध्यक्ष, गोविंदी कपकोटी, रीता बिष्ट उपाध्यक्ष, हंशी पत्नी राजेंद्र कपकोटी सचिव, हेमा कपकोटी को संरक्षक जबकि विमला, चंद्रा कपकोटी, लक्ष्मी देवी, दीपा गढ़िया, राधा देवी, उमा मेहता को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया। इसके बाद महिलाएं शिव और भगवती माता के जयकारे के साथ जुलूस की शक्ल में तहसील मुख्यालय पहुंचीं। यहां हुई सभा वक्ताओं ने कहा कि वह भराड़ी के नाम से खुली शराब की दुकानों को किसी भी हालत में पुल बाजार, कपकोट बाजार और मंडलखेत में नहीं खोलने देंगी। शराब के कारण इलाके में अशांति रहेगी।
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उन्होंने एसडीएम का घेराव कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने शराब की दुकान खोलने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। एसडीएम विरेंद्र बिष्ट ने आश्वस्त किया कि आबादी वाले क्षेत्रों में दुकानें नहीं खोली जाएंगी। कहा कि शराब के अवैध धंधे के खिलाफ छापेमारी जारी रहेगी। जुलूस में महिलाओं के साथ ग्राम प्रधान पूरन कपकोटी, सभासद गिरीश जोशी और महिमन कपकोटी आदि शामिल थे।
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उधर शामा और खड़लेख क्षेत्र की महिलाओं ने शराब के विरोध में शामा कस्बे में नारेबाजी के साथ जुलूस निकाला। यहां उन्होंने भ्रमण पर पहुंचे विधायक भौर्याल का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने विधायक से आसपास के गांवों में किसी भी दशा में शराब की दुकानें नहीं खोलने की मांग की। मांग नहीं माने जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। विधायक ने महिलाओं को जन भावनाओं का सम्मान करने का आश्वासन दिया। मामले में सीएम से भी बात की जाएगी। जुलूस और घेराव करने वालों में पुष्पा, भागीरथी, इंद्रा, दीपा, रमुली, बचुली, चंपा, राखी, धना, भवानी, धनुली, सीमा, गोविंदी और बबीता आदि शामिल थीं।