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क्षतिग्रस्त लाइन को दस दिन बाद भी सही नहीं कर पाया जलसंस्थान
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क्ष्बागेश्वर। कांडा तहसील के जेठाई और बंगचूड़ी गांव के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। करीब 10 दिन पूर्व किसी ने जंगल में चीड़ का पेड़ काटा था। पेड़ पैंसिया के पास छीड़ी गधेरे से इन गांवों के लिए बनी चार इंच की पेयजल लाइन पर गिरने से पांच पाइप क्षतिग्रस्त हो गए थे। तब से दोनों गांवों की करीब 1800 की आबादी के सामने गंभीर जल संकट पैदा हो गया है। लोगों को जल स्रोतों और हैंडपंप से पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है।
पानी की आपूर्ति बहाल न होने पर ग्रामीणों में जबरदस्त रोष है। लोगों कहा कहना है कि उन्होंने जल संस्थान को पानी की लाइन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दे दी थी लेकिन 10 दिन बाद भी पेयजल व्यवस्था बहाल नहीं हुई। जल संस्थान लाइन की मरम्मत करने का दावा कर रहा है लेकिन गांव मंगलवार को भी गांव तक पानी नहीं पहुंचा था।
जल संस्थान टैंकरों से भी पानी नहीं बंटवा रहा है। हैंडपंप से पानी भरना पड़ रहा है। उससे भी लाल रंग का पानी आ रहा है। - भूपेश सिंह पिलख्वाल ग्राम प्रधान बंगचूड़ी
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दस दिन में पेयजल लाइन की मरम्मत न होना जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। गांव के लोग परेशान हो उठे हैं। - रणजीत सिंह ग्रामीण
जल संस्थान की लापरवाही से लोगों को पेयजल से वंचित होना पड़ रहा है। पांच पाइपों की मरम्मत में इतना लंबा समय नहीं लगना चाहिए। - जगदीश सिंह ग्रामीण
पेयजल लाइन पर किसी ने पेड़ काटकर गिरा दिया था। चार इंच के पाइप बुरी तरह से पिचक गए थे। सोमवार को लाइन की मरम्मत कर दी थी। पाइपों में हवा भरने से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई है। पेयजल व्यवस्था सुचारु हो जाएगी। - चंदन देवड़ी सहायक अभियंता जल संस्थान
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पानी की आपूर्ति बहाल न होने पर ग्रामीणों में जबरदस्त रोष है। लोगों कहा कहना है कि उन्होंने जल संस्थान को पानी की लाइन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दे दी थी लेकिन 10 दिन बाद भी पेयजल व्यवस्था बहाल नहीं हुई। जल संस्थान लाइन की मरम्मत करने का दावा कर रहा है लेकिन गांव मंगलवार को भी गांव तक पानी नहीं पहुंचा था।
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जल संस्थान टैंकरों से भी पानी नहीं बंटवा रहा है। हैंडपंप से पानी भरना पड़ रहा है। उससे भी लाल रंग का पानी आ रहा है। - भूपेश सिंह पिलख्वाल ग्राम प्रधान बंगचूड़ी
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दस दिन में पेयजल लाइन की मरम्मत न होना जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। गांव के लोग परेशान हो उठे हैं। - रणजीत सिंह ग्रामीण
जल संस्थान की लापरवाही से लोगों को पेयजल से वंचित होना पड़ रहा है। पांच पाइपों की मरम्मत में इतना लंबा समय नहीं लगना चाहिए। - जगदीश सिंह ग्रामीण
पेयजल लाइन पर किसी ने पेड़ काटकर गिरा दिया था। चार इंच के पाइप बुरी तरह से पिचक गए थे। सोमवार को लाइन की मरम्मत कर दी थी। पाइपों में हवा भरने से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई है। पेयजल व्यवस्था सुचारु हो जाएगी। - चंदन देवड़ी सहायक अभियंता जल संस्थान