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सड़क से लेकर जनता दरबार तक पेयजल समस्या की गूूंज
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
Updated Mon, 02 Jul 2018 10:43 PM IST
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बागेश्वर में एसबीआई तिराहे पर लगा जाम।
- फोटो : अमर उजाला
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मंडलसेरा में पेयजल समस्या की गूंज सड़क से लेकर जनता दरबार तक सुनाई दी। भड़की महिलाओं ने राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इसके बाद जनता दरबार में भी हंगामा किया। आक्रोशित महिलाओं ने सरकारी मशीनरी पर पेयजल की आपूर्ति करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। जल्दी आपूर्ति सुचारु न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी।
मंडलसेरा के अधिकांश घरों में सोमवार को भी पानी की आपूर्ति नहीं हुई। टेल क्षेत्र में सुबह साढ़े 10 बजे तक भी नलों से एक बूंद नहीं टपकी। पेयजल समस्या से परेशान क्षेत्र की महिलाएं एकजुुट होकर 11 बजे एसबीआई तिराहे में राजमार्ग पर ही धरने पर बैठ गई। उन्होंने विभाग और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस बीच सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई। मुख्य मार्ग में जाम लगने से कांडा रोड, तहसील रोड, स्टेशन रोड आदि मार्गों पर यातायात ठहर गया। एंबुलेंस से लेकर बस, टैक्सी आदि सैकड़ों वाहन आधा घंटा जाम में फंसे रहे। कोतवाल टीआर वर्मा ने महिलाओं को बमुश्किल मनाकर करीब साढे़ 11 बजे जाम खुलवाया।
इसके बाद महिलाएं सीधे डीएम के जनता दरबार पहुंच गई। उन्होंने पानी की मांग को लेकर दरबार में हंगामा किया और अधिकारियों को खूब खरी खोटी सुनाई। कहा कि न तो नलों से पानी आ रहा और न ही टैंकरों से पानी मिल रहा। ऐसे में पानी कहां से लाए। पहले नदी के पानी से किसी तरह काम चला लेते थे, अब सिल्ट आने के चलते नदी का पानी भी सीधे इस्तेमाल लायक नहीं रहा। उन्होंने जल्द आपूर्ति सुचारु न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। डीएम और जल संस्थान के अधिकारियों ने समझाकर कर महिलाओं को शांत कराया। इस दौरान पार्वती, गीता, रेखा, रजनी, चंपा, सरोज, नीमा, शांति आदि थे।
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पेयजल समस्या से निजात को नई योजना की दरकार
मंडलसेरा की पेयजल समस्या से निजात के लिए नई योजना की दरकार है। पुरानी योजना स्रोत के डिस्चार्ज के घटने से नाकाफी साबित हो रही है। जबकि क्षेत्र की आबादी लगातार बढ़कर साढ़े सात हजार तक पहुंच गई है। जल संस्थान के ईई नंद किशोर ने बताया कि जल निगम ने सरयू पंपिंग योजना का प्रस्ताव तैयार किया है। नई योजना के लिए भूमि की तलाश की जा रही है।
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मंडलसेरा के अधिकांश घरों में सोमवार को भी पानी की आपूर्ति नहीं हुई। टेल क्षेत्र में सुबह साढ़े 10 बजे तक भी नलों से एक बूंद नहीं टपकी। पेयजल समस्या से परेशान क्षेत्र की महिलाएं एकजुुट होकर 11 बजे एसबीआई तिराहे में राजमार्ग पर ही धरने पर बैठ गई। उन्होंने विभाग और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस बीच सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई। मुख्य मार्ग में जाम लगने से कांडा रोड, तहसील रोड, स्टेशन रोड आदि मार्गों पर यातायात ठहर गया। एंबुलेंस से लेकर बस, टैक्सी आदि सैकड़ों वाहन आधा घंटा जाम में फंसे रहे। कोतवाल टीआर वर्मा ने महिलाओं को बमुश्किल मनाकर करीब साढे़ 11 बजे जाम खुलवाया।
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इसके बाद महिलाएं सीधे डीएम के जनता दरबार पहुंच गई। उन्होंने पानी की मांग को लेकर दरबार में हंगामा किया और अधिकारियों को खूब खरी खोटी सुनाई। कहा कि न तो नलों से पानी आ रहा और न ही टैंकरों से पानी मिल रहा। ऐसे में पानी कहां से लाए। पहले नदी के पानी से किसी तरह काम चला लेते थे, अब सिल्ट आने के चलते नदी का पानी भी सीधे इस्तेमाल लायक नहीं रहा। उन्होंने जल्द आपूर्ति सुचारु न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। डीएम और जल संस्थान के अधिकारियों ने समझाकर कर महिलाओं को शांत कराया। इस दौरान पार्वती, गीता, रेखा, रजनी, चंपा, सरोज, नीमा, शांति आदि थे।
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पेयजल समस्या से निजात को नई योजना की दरकार
मंडलसेरा की पेयजल समस्या से निजात के लिए नई योजना की दरकार है। पुरानी योजना स्रोत के डिस्चार्ज के घटने से नाकाफी साबित हो रही है। जबकि क्षेत्र की आबादी लगातार बढ़कर साढ़े सात हजार तक पहुंच गई है। जल संस्थान के ईई नंद किशोर ने बताया कि जल निगम ने सरयू पंपिंग योजना का प्रस्ताव तैयार किया है। नई योजना के लिए भूमि की तलाश की जा रही है।