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Bageshwar News: टूट चुका है वित्तीय संकट से घिरे कर्मचारियों और श्रमिकाें का धैर्य
Fri, 24 Oct 2025 11:32 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Fri, 24 Oct 2025 11:32 PM IST
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बागेश्वर। जिले में खनन गतिविधियों पर रोक लगने के बाद से अल्मोड़ा मैग्नेसाइट फैक्टरी में कार्य करने वाले कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है। दैनिक वेतन भोगियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। अब कर्मचारियों और श्रमिकों का धैर्य टूट चुका है। वर्कर्स यूनियन ने आगामी 30 अक्तूबर से डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को डीएम को दिए ज्ञापन में कर्मचारियों ने बताया कि 1972 में खुली फैक्टरी से करीब 500 कर्मचारी सीधे या दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य करते हैं। खनन गतिविधियां बंद होने से फैक्टरी का कामकाज भी ठप है। कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा। दैनिक वेतन भोगियों के पास रोजगार नहीं है। आर्थिक संकट का सामना कर रहे कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। कहा कि क्षेत्रवासियों के पास रोजगार के अन्य साधन भी नहीं हैं।
कई बार जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर परेशानी बताई गई, लेकिन अब तक कोई लाभ नहीं मिला है। कर्मचारियों ने कहा कि अगर 29 अक्तूबर तक समस्या का कोई हल नहीं निकला तो आंदोलन ही अंतिम विकल्प होगा। इस मौके पर गायत्री प्रसाद, शांति लाल, सुरेंद्र लाल, ग्राम प्रधान आशा देवी आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को डीएम को दिए ज्ञापन में कर्मचारियों ने बताया कि 1972 में खुली फैक्टरी से करीब 500 कर्मचारी सीधे या दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य करते हैं। खनन गतिविधियां बंद होने से फैक्टरी का कामकाज भी ठप है। कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा। दैनिक वेतन भोगियों के पास रोजगार नहीं है। आर्थिक संकट का सामना कर रहे कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। कहा कि क्षेत्रवासियों के पास रोजगार के अन्य साधन भी नहीं हैं।
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कई बार जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर परेशानी बताई गई, लेकिन अब तक कोई लाभ नहीं मिला है। कर्मचारियों ने कहा कि अगर 29 अक्तूबर तक समस्या का कोई हल नहीं निकला तो आंदोलन ही अंतिम विकल्प होगा। इस मौके पर गायत्री प्रसाद, शांति लाल, सुरेंद्र लाल, ग्राम प्रधान आशा देवी आदि मौजूद रहे।
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