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एकीकृत आजीविका परियोजना से सुधरी है गरीबों की आजीविका
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Wed, 19 Jul 2017 11:07 PM IST
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बैठक
- फोटो : amar ujala
ग्रामीण क्षेत्रों में एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के संचालन से उन्नत कृषि व पशुपालन आय का जरिया बने हैं। इससे गरीब परिवारों की आजीविका सुधारने की दिशा में सार्थक पहल हुई है। यह बात एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के प्रभागीय प्रबंधन की जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति की प्रथम बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कही।
उन्होंने जिले के तीनों ब्लॉकों में गरीबी उन्मूलन हेतु चलाई जा रही आजीविका परियोजना के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच बनाने में परियोजना सार्थक प्रयास कर रही है। एकीकृत आजीविका परियोजना के प्रभागीय प्रबंधक धर्मेंद्र पांडेय ने वित्तीय वर्ष 2017-18 कि प्रथम त्रैमास में संचालित परियोजना गतिविधियों, उपलब्धियों व भावी कार्ययोजना से समन्वय समिति के सदस्यों को बताया कि वर्तमान में एकीकृत आजीविका परियोजना 11 जनपदों के 42 विकास खंडों में संचालित की जा रही हैं। जिसके तहत स्थानीय उत्पादों के संग्रहण, ग्रेड्रिंग, पैकेजिंग एवं विपणन हेतु संग्रहण केंद्र तैयार किये जा रहे हैं। सीडीओ एसएसएस पांगती ने एकीकृत आजीविका परियोजना व विभिन्न रेखीय विभागों के मध्य बेहतर तालमेल समन्वय और संवाद स्थापित करने पर जोर दिया। सीएओ बीपी मौर्य ने फसल बीमा प्रक्रिया की जानकारी दी। उपासक के ग्रामीण वित्त समन्वयक नरेश झल्डियाल ने समूह, सहकारिताओं को वित्तीय संस्थानों एवं उपासक के माध्यम से दी जाने वाली लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में एकीकृत आजीविका परियोजना के सहायक प्रबंधक प्रकाश पाठक, आरके श्रीवास्तव, मदन सिंह, वीरेंद्र गुसाई, विशन लुम्याल आदि शामिल थे।
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उन्होंने जिले के तीनों ब्लॉकों में गरीबी उन्मूलन हेतु चलाई जा रही आजीविका परियोजना के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच बनाने में परियोजना सार्थक प्रयास कर रही है। एकीकृत आजीविका परियोजना के प्रभागीय प्रबंधक धर्मेंद्र पांडेय ने वित्तीय वर्ष 2017-18 कि प्रथम त्रैमास में संचालित परियोजना गतिविधियों, उपलब्धियों व भावी कार्ययोजना से समन्वय समिति के सदस्यों को बताया कि वर्तमान में एकीकृत आजीविका परियोजना 11 जनपदों के 42 विकास खंडों में संचालित की जा रही हैं। जिसके तहत स्थानीय उत्पादों के संग्रहण, ग्रेड्रिंग, पैकेजिंग एवं विपणन हेतु संग्रहण केंद्र तैयार किये जा रहे हैं। सीडीओ एसएसएस पांगती ने एकीकृत आजीविका परियोजना व विभिन्न रेखीय विभागों के मध्य बेहतर तालमेल समन्वय और संवाद स्थापित करने पर जोर दिया। सीएओ बीपी मौर्य ने फसल बीमा प्रक्रिया की जानकारी दी। उपासक के ग्रामीण वित्त समन्वयक नरेश झल्डियाल ने समूह, सहकारिताओं को वित्तीय संस्थानों एवं उपासक के माध्यम से दी जाने वाली लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में एकीकृत आजीविका परियोजना के सहायक प्रबंधक प्रकाश पाठक, आरके श्रीवास्तव, मदन सिंह, वीरेंद्र गुसाई, विशन लुम्याल आदि शामिल थे।
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