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भैंसूड़ी के पुल में लगा जंक
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Mon, 01 Feb 2016 12:23 AM IST
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बागेश्वर और पिथौरागढ़ सीमा पर बसे भैंसूड़ी गांव के गधेरे में बनी गार्डर पुल को जंक ने अपने आगोश में ले लिया है। रंगरोगन के बगैर पुल लाल दिख रही है। पुल को जोडने वाली पगडंडी भी दोनों ओर से क्षतिग्रस्त गई है। ग्रामीणों ने लोनिवि से पुल का शीघ्र रंगरोगन और रास्ते शीघ्र ठीक कराने की मांग की है।
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ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2011 में भैंसूड़ी गांव के गधेरे के ऊपर 16 मीटर लंबा गार्डर पुल बना था। इस पुल से होकर जहां ग्रामीणों का आना जाना लगा रहता है। लंबे समय से रंगरोगन न होने के कारण उसमें जंक लग गया है। दोनों ओर से बनी पगडंडी टूटफूट गई है।
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ग्रामीणों ने बताया कि पुल से होकर बच्चे राजकीय जूनियर हाईस्कूल पोखरी, प्राईमरी स्कूल जाते हैं। भैंसूड़ी और टकनार के मवेशियों का जंगल जाने और बेड़ीनाग पिथौरागढ़ से खच्चरों के जरिए क्षेत्र के गांवों के लिए खाद्यान्न आता है।
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ग्रामीणों ने लोनिवि से पुल का रंग रोगन और क्षतिग्रस्त पगडंडियों का पुर्ननिर्माण शीघ्र करने की मांग की है। मांग करने वालों में ग्राम प्रधान विमला महरा, बीडीसी कुंदन सिंह बोरा, पूर्व प्रधान दनी राम, लाल सिंह, हीरा सिंह महरा, सुरेंद्र नेगी, दान सिंह राठौर, मेहरबान सिंह महरा, भगत राम, पंकज नेगी, दीपक नेगी, दीपक नेगी शामिल हैं।
इधर लोनिवि के ईई आरके पुनेठा ने बताया कि पुलों में रंगरोगन तीन से पांच साल के भीतर कराने का मानक है। बजट प्राप्त होते ही रंग रोगन करवा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त रास्ते को ठीक कराने के लिए संबंधित जेई को निर्देशित किया जाएगा।