कपकोट/कांडा/बागेश्वर। कपकोट की रामलीला में शनिवार रात ताड़का वध हुआ। कांडा, कमेड़ीदेवी, किड़ई पचार में भी रामलीला देखने के लिए कई लोग पहुंचे।
कपकोट की रामलीला में सुबाहु मारीच ने मुनियों के यज्ञ में बाधा डाल दी। तब विश्वामित्र ने यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से राम, लखन को अपने आश्रम में बुलवाया। राम, लखन ने यज्ञ की रक्षा कर ताड़का, सुबाहु, मारीच वध किया। अहिल्या उद्धार, मिथिला में राजा जनक से परिचय, गौरी पूजन हुआ। राम चंद्र जोशी ने संचालन किया। इस दौरान मां भगवती सेवा समिति के अध्यक्ष नंदन सिंह कपकोटी, कमेटी के अध्यक्ष चंद्र सिंह कपकोटी, मोहन सिंह, प्रकाश कांडपाल, दीवान मेहता, राजेंद्र कपकोटी, नरेंद्र कपकोटी, आनंद बल्लभ पांडे, दीवान कपकोटी, रघुबीर बिष्ट, दयाल जोशी, पूरन पांडे आदि थे। उधर रंगीली नाकुरी क्षेत्र के किड़ई पचार में पंचवटी में सीता के पास पहुंचे हनुमान, खर-दूषण वध, सीता हरण की लीला का मंचन हुआ।