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Bageshwar News: पहले देश सेवा अब गांव की मिट्टी का कर्ज चुकाएंगे सूबेदार बलवंत
Tue, 22 Jul 2025 11:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 22 Jul 2025 11:56 PM IST
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सेवानिवृत्त होने के बाद घर पहुंचे रिटार्यड सूबेदार बलवंत का टीका लगाकर स्वागत करती मां। फोटो स
बागेश्वर। तीन दशक तक सेना में रहकर सूबेदार पद से सेवानिवृत्त बलवंत सिंह का गांव लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। ढोल, दमाऊ की थाप के बीच परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी अगुवानी की। सूबेदार बलवंत सिंह ने बताया कि अब वह गांव में रहकर खेतीबाड़ी और बुजुर्गों की सेवा करेंगे।
जुनायल गांव निवासी सूबेदार बलवंत सिंह 20 साल की उम्र में सेना में भर्ती हुए। विभिन्न पदों पर सेवा देने के बाद वह 30 जून 2025 को उड़ीसा में सूबेदार के पद से रिटायर हुए। गांव पहुंचने पर मां ने उनका तिलक किया और बड़े भाई पूर्व सैनिक रमेश राम ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सूबेदार बलवंत के पुत्र गिरिराज सिंह भी सेना में है। सूबेदार ने बताया कि अब वह गांव में रहकर माता-पिता की सेवा करेंगे और खेतीबाड़ी कर किसान होने का फर्ज निभाएंगे। संवाद
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जुनायल गांव निवासी सूबेदार बलवंत सिंह 20 साल की उम्र में सेना में भर्ती हुए। विभिन्न पदों पर सेवा देने के बाद वह 30 जून 2025 को उड़ीसा में सूबेदार के पद से रिटायर हुए। गांव पहुंचने पर मां ने उनका तिलक किया और बड़े भाई पूर्व सैनिक रमेश राम ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सूबेदार बलवंत के पुत्र गिरिराज सिंह भी सेना में है। सूबेदार ने बताया कि अब वह गांव में रहकर माता-पिता की सेवा करेंगे और खेतीबाड़ी कर किसान होने का फर्ज निभाएंगे। संवाद
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