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बच्चे नहीं दे पाए जीके के सवालाें का जवाब डीएम ने शिक्षकों का वेतन रोका
अमर उजाला ब्यूरो,बागेश्वर
Updated Mon, 24 Apr 2017 12:03 AM IST
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बगेश्वर के दफौट क्षेत्र में पाठशाला में बच्चों से सवाल पूछते डीएम मंगेश घिल्डियाल।
- फोटो : अमर उजाला
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जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने शनिवार को जिले के दफौट क्षेत्र के कई गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कई विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। प्राथमिक पाठशाला किमोली में चौथी व पांचवीं कक्षा के बच्चे सामान्य ज्ञान व विषय से संबंधित प्रश्नों का उत्तर नहीं दे सके। डीएम ने नाराजगी जताते हुए दो शिक्षकों का वेतन रोकने के निर्देश दे दिए।
भ्रमण के दौरान डीएम ने तुनेड़ा गधेरे में जिला पंचायत द्वारा 30 लाख की लागत से बनी पैदल पुलिया में गैर जरूरी चौड़ाई रखने पर इसे धन का दुरुपयोग बताते हुए आंगणन तैयार करने वाले इंजीनियर से स्पष्टीकरण लेने को कहा। उन्होंने पुलिया के पहुंच मार्ग की गुणवत्ता सही नहीं मिलने पर जेई को कड़ी फटकार लगाई।
डीएम ने दफौट के आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक पाठशाला का निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी सुपरवाइजर द्वारा दो साल से केंद्र का भ्रमण नहीं करने पर नाराजगी जताई। ग्राम प्रधान देवकी देवी सहित ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र, लो वोल्टेज, रसोई गैस आदि की समस्या रखी।
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इस पर उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया। किमोली गांव में भ्रमण के दौरान डीएम ने ग्रामीणों से जल स्रोतों के समीप चौड़ी पत्ती प्रजाति के पौधे लगाने को कहा। विद्यालयों के निरीक्षण के बाद उन्होंने चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए शीघ्र समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
ग्रामीणों ने मनरेगा और सड़क निर्माण में कटी भूमि का मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत की। डीएम ने कांडई गांव में विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कृषि विभाग के सहयोग से मछली, कुक्कुट पालन और सब्जी उत्पादन की दिशा में काम कर रहे एक काश्तकार की सराहना की। उन्होंने बंजर भूमि विकास के लिए चयनित भूमि का भी निरीक्षण किया।
भ्रमण के दौरान डीडीओ केएन तिवारी, मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्या, उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, समाज कल्याण अधिकारी एनएस गस्याल, पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट आदि मौजूद थे।
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भ्रमण के दौरान डीएम ने तुनेड़ा गधेरे में जिला पंचायत द्वारा 30 लाख की लागत से बनी पैदल पुलिया में गैर जरूरी चौड़ाई रखने पर इसे धन का दुरुपयोग बताते हुए आंगणन तैयार करने वाले इंजीनियर से स्पष्टीकरण लेने को कहा। उन्होंने पुलिया के पहुंच मार्ग की गुणवत्ता सही नहीं मिलने पर जेई को कड़ी फटकार लगाई।
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डीएम ने दफौट के आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक पाठशाला का निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी सुपरवाइजर द्वारा दो साल से केंद्र का भ्रमण नहीं करने पर नाराजगी जताई। ग्राम प्रधान देवकी देवी सहित ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र, लो वोल्टेज, रसोई गैस आदि की समस्या रखी।
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इस पर उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया। किमोली गांव में भ्रमण के दौरान डीएम ने ग्रामीणों से जल स्रोतों के समीप चौड़ी पत्ती प्रजाति के पौधे लगाने को कहा। विद्यालयों के निरीक्षण के बाद उन्होंने चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए शीघ्र समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
ग्रामीणों ने मनरेगा और सड़क निर्माण में कटी भूमि का मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत की। डीएम ने कांडई गांव में विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कृषि विभाग के सहयोग से मछली, कुक्कुट पालन और सब्जी उत्पादन की दिशा में काम कर रहे एक काश्तकार की सराहना की। उन्होंने बंजर भूमि विकास के लिए चयनित भूमि का भी निरीक्षण किया।
भ्रमण के दौरान डीडीओ केएन तिवारी, मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्या, उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, समाज कल्याण अधिकारी एनएस गस्याल, पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट आदि मौजूद थे।