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यूपीसीएल को बेची जा रही बिजली, घर रोशन हो रहा सो अलग
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बागेश्वर के नाघर में लगा सोलर प्लांट। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। सरकार की सूर्योदय योजना जिले में खूब फलीभूत हो रही है। इस योजना के तहत लोग घरों को तो रोशन कर ही रहे हैं, यूपीसीएल को बिजली भी बेच रहे हैं। लोगों को बिजली का बिल चुकाने के झंझट से छुटकारा मिला है। कमाई भी हो रही है।
अक्षय ऊर्जा अभिकरण (उरेडा) ने वर्ष 2016-17 में जिले में पांच किलोवाट के 120 रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाए। एक प्लांट को लगाने में करीब चार लाख रुपये की लागत आई। इसमें निगम ने लाभार्थी को 90 प्रतिशत अनुदान दिया। यानि प्लांट लगाने के लिए लाभार्थी को केवल 40 हजार रुपये खर्च करने पड़े। प्रत्येक प्लांट से प्रतिमाह 700 यूनिट बिजली यूपीसीएल को बेची जा रही है। घर भी रोशन हो रहा है। इन प्लांटों से प्रतिमाह 84 हजार यूनिट बिजली पैदा हो रही है। लाभार्थी के घर में यूपीसीएल ने डीसी को एसी में बदलने वाला मीटर लगाया है। उत्पादित बिजली सीधे यूपीसीएल को चली जाती है।
प्रतिमाह 2450 रुपये की हो रही कमाई
बागेश्वर। ग्राम पंचायत नौगांव के नाघर गांव के सुंदर सिंह रौतेला बताते हैं कि उन्होंने वर्ष 2017 में सोलर प्लांट लगाया। इससे घर की बिजली की जरूरत पूरी हो रही है। प्रतिमाह 700 यूनिट बिजली यूपीसीएल को बेच रहे हैं। यूपीसीएल 3.50 रुपये यूनिट की दर से बिजली खरीदता है। इससे प्रतिमाह 2450 रुपये की कमाई हो रही है। दो साल से भी कम समय में सोलर प्लांट लगाने की लागत वसूल हो गई। कहते हैं कि सोलर प्लांट स्वरोजगार का बहुत अच्छा माध्यम बन गया है। सरकार को इस तरह की योजनाओं को और अधिक प्रोत्साहित करना चाहिए। इससे बेरोजगारी कम करने में मदद मिलेगी।
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जिले में लगाए गए 120 रूफ टॉप सोलर प्लांटों से 84 हजार यूनिट बिजली प्रतिमाह पैदा हो रही है। उत्पादित बिजली से लाभार्थी आय भी अर्जित कर रहे हैं। सरकार ने अब बेरोजगारों के लिए मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना लांच की है। बेरोजगारों को इसका लाभ उठाना चाहिए।
- रॉकी कुमार, वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक, उरेडा बागेश्वर।
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अक्षय ऊर्जा अभिकरण (उरेडा) ने वर्ष 2016-17 में जिले में पांच किलोवाट के 120 रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाए। एक प्लांट को लगाने में करीब चार लाख रुपये की लागत आई। इसमें निगम ने लाभार्थी को 90 प्रतिशत अनुदान दिया। यानि प्लांट लगाने के लिए लाभार्थी को केवल 40 हजार रुपये खर्च करने पड़े। प्रत्येक प्लांट से प्रतिमाह 700 यूनिट बिजली यूपीसीएल को बेची जा रही है। घर भी रोशन हो रहा है। इन प्लांटों से प्रतिमाह 84 हजार यूनिट बिजली पैदा हो रही है। लाभार्थी के घर में यूपीसीएल ने डीसी को एसी में बदलने वाला मीटर लगाया है। उत्पादित बिजली सीधे यूपीसीएल को चली जाती है।
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प्रतिमाह 2450 रुपये की हो रही कमाई
बागेश्वर। ग्राम पंचायत नौगांव के नाघर गांव के सुंदर सिंह रौतेला बताते हैं कि उन्होंने वर्ष 2017 में सोलर प्लांट लगाया। इससे घर की बिजली की जरूरत पूरी हो रही है। प्रतिमाह 700 यूनिट बिजली यूपीसीएल को बेच रहे हैं। यूपीसीएल 3.50 रुपये यूनिट की दर से बिजली खरीदता है। इससे प्रतिमाह 2450 रुपये की कमाई हो रही है। दो साल से भी कम समय में सोलर प्लांट लगाने की लागत वसूल हो गई। कहते हैं कि सोलर प्लांट स्वरोजगार का बहुत अच्छा माध्यम बन गया है। सरकार को इस तरह की योजनाओं को और अधिक प्रोत्साहित करना चाहिए। इससे बेरोजगारी कम करने में मदद मिलेगी।
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जिले में लगाए गए 120 रूफ टॉप सोलर प्लांटों से 84 हजार यूनिट बिजली प्रतिमाह पैदा हो रही है। उत्पादित बिजली से लाभार्थी आय भी अर्जित कर रहे हैं। सरकार ने अब बेरोजगारों के लिए मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना लांच की है। बेरोजगारों को इसका लाभ उठाना चाहिए।
- रॉकी कुमार, वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक, उरेडा बागेश्वर।