डिजिटल धोखा: बाल अश्लीलता फैलाने में फंस रहे किशोर; परिजनों की अनदेखी भी बना रही गुनाहगार
बागेश्वर में सामने आए दो मामलों में बाल अश्लीलता संबंधी सामग्री साझा करने की जांच ने चौंकाने वाला खुलासा किया। सोशल मीडिया खातों में इस्तेमाल हो रहे मोबाइल नंबर युवाओं के परिजनों के नाम पर दर्ज थे जिससे परिवारजन भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ गए।
विस्तार
आज सोशल मीडिया हर उम्र के लोगों के मनोरंजन का प्रमुख साधन बन चुका है। किशोर और युवा वर्ग सबसे अधिक इसकी चपेट में है। लाइक और कमेंट पाने की चाहत में नई पीढ़ी गलत कदम उठाकर परिजनों को फंसाने से भी नहीं चूक रही है। जिले में दो किशोरों के बाल यौन शोषण और अश्लीलता के वीडियो साझा करने के मामले सामने आना चिंता बढ़ाने के साथ-साथ परिजनों की अनदेखी को भी उजागर कर रहा है।
पुलिस अधिकारियों से हुई बातचीत में एक बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक ट्रेंड सामने आया है। जांच के दौरान पता चला है कि जिन इंस्टाग्राम आईडियों से इस तरह के प्रतिबंधित और आपराधिक वीडियो पोस्ट या शेयर हो रहे हैं, उनमें इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर युवाओं के सीधे-साधे और अनपढ़ परिजनों के नाम पर दर्ज हैं। तकनीकी अज्ञानता के कारण युवा अपने घरवालों की आईडी पर सिम निकालकर खुद सोशल मीडिया पर इस खतरनाक खेल को अंजाम दे रहे हैं, जिससे प्राथमिकी दर्ज होने पर उनके बेकसूर परिजन भी कानूनी झमेले में आ रहे हैं।
इन दो मामलों ने बढ़ाई चिंता
बिलौना क्षेत्र की इंस्टाग्राम आईडी आई रडार पर
जिले में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के तहत नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन के माध्यम से साइबर टिपलाइन रिपोर्ट प्राप्त हुई थी जो इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण संबंधी अश्लील वीडियो शेयर करने से जुड़ी थी। एसपी के निर्देश पर साइबर सेल ने जब गहनता से जांच की तो इंस्टाग्राम आईडी में लगा संदिग्ध मोबाइल नंबर हरीश चंद्र निवासी कलौटा, पोस्ट-बिलौना के नाम पर रजिस्टर्ड पाया गया। पुलिस ने जब साक्ष्य के रूप में मिली डीवीडी को कंप्यूटर पर जांचा तो उसमें बालक-बालिकाओं से जुड़े यौन कृत्य की बाल अश्लीलता संबंधी वीडियो शेयर करने की पूरी डिटेल दर्ज मिली। इसके बाद मोबाइल नंबर स्वामी के खिलाफ पुलिस ने आईअी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित व्यक्ति सोशल मीडिया का प्रयोग ही नहीं करते हैं।
बुंगा के ग्रामीण के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी
केंद्रीय गृह मंत्रालय के पोर्टल के माध्यम से प्राप्त साइबर टिपलाइन रिपोर्ट बैजनाथ पुलिस और साइबर सेल की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। जांच में इंस्टाग्राम यूजर के मोबाइल नंबर का कैफ विवरण खंगाला गया जो वीरेंद्र सिंह बिष्ट निवासी ग्राम बुंगा वज्यूला के नाम दर्ज मिला। आरोपी ने इंस्टाग्राम चैट सर्विस मैसेंजर के माध्यम से एक चैट रूम में एक मिनट 13 सेकंड का बाल अश्लीलता वीडियो अपलोड किया था जिसका आईपी एड्रेस और लॉगिन पोर्ट भी ट्रेस हो गया। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और प्रमाण पत्रों की पड़ताल के बाद आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
सोशल मीडिया पर बाल अश्लीलता देखना, अपलोड करना और शेयर करना एक गंभीर अपराध है। वैश्विक एजेंसियां हर आईपी एड्रेस पर नजर रख रही हैं, अभिभावक अपने बच्चों की मोबाइल एक्टिविटी पर नजर रखें और उन्हें बिना सोचे-समझे अपने नाम की सिम न दें। दोनों मामलों में आईटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।-अजय लाल साह, सीओ, बागेश्वर