फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Snow in the higher areas, rain in the lower areas

Bageshwar News: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात, निचले इलाकों में झमाझम बारिश

Mon, 01 May 2023 10:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Mon, 01 May 2023 10:49 PM IST
विज्ञापन
Snow in the higher areas, rain in the lower areas
बागेश्वर में बारिश के दौरान छाता ओढ़कर निकलती महिलाएं। संवाद
बागेश्वर। चिलचिलाती गर्मी के लिए जाना जाने वाले मई महीने की शुरूआत झमाझम बारिश से हुई है। ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हो रहा है। जिले में रविवार की शाम से बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज हुई है। जिला मुख्यालय का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। गर्मी के सीजन में जिलेवासियों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
विज्ञापन

पिछले साल सर्दियों के सीजन में बारिश की बूंद तक नहीं गिरी थी लेकिन मार्च के बाद से मौसम का मिजाज ही बदला हुआ है। मार्च और अप्रैल में बारिश का सिलसिला जारी रहने से इस बार गर्मी का अहसास नहीं हुआ है। मई की शुरूआत भी कपकोट के खाती, वाछम की पहाड़ियां, द्वाली, फुरकिया समेत बुग्यालों और ग्लेशियरों में बर्फबारी से हुआ है। निचले इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते तापमान घटता जा रहा है। निचले इलाकों में जहां लोगों के स्वेटर निकल गए, वहीं बारिश के चलते कपकोट, गरुड़, कांडा, दुग नाकुरी, काफलीगैर आदि ग्रामीण इलाकों में लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा लेने के लिए मजबूर हैं। जिस तरह से बारिश का दौर चल रहा है उसे देखते हुए आने वाले दिनों में तापमान और नीचे गिरने की संभावना है।
विज्ञापन

इनसेट
कहां कितनी बारिश
बागेश्वर। बागेश्वर में 24 घंटे के दौरान 16 मिमी, गरुड़ ब्लॉक में 18.5 मिमी, कपकोट में छह मिमी, डंगोली में 12 मिमी और लीती में दो मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
25 प्रतिशत गेहूं की फसल हो सकती है बर्बाद : पांडेय
बागेश्वर। कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर के प्रभारी डॉ. कमल कुमार पांडेय का कहना है जिस मात्रा में बारिश हो रही है, वह गेहूं के लिए काफी नुकसानदायक है। इन दिनों गेेहूं की कटाई और मढ़ाई की जाती है, ऐसे में बारिश का होना शुभ संकेत नहीं है। उनका मानना है कि अब तक जितनी बारिश हुई है, उससे जिले में 25 प्रतिशत तक गेहूं की फसल प्रभावित हो सकती है। हालांकि सहायक उद्यान अधिकारी कुलदीप जोशी मानते हैं कि बारिश से फलों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। आम का बौर पक्का हो गया है, ऐसे में उसके गिरने का खतरा नहीं है। बाकी फलों के लिए भी बारिश से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। संवाद
इनसेट
ग्लेशियर में नहीं हैं कोई ट्रैकर
बागेश्वर। वन विभाग के रेंजर शंकर दत्त पांडेय ने बताया कि ग्लेशियरों में बर्फबारी को देखते हुए सजगता बरती जा रही है। फिलहाल पिंडारी, सुंदरढूंगा और कफनी में कोई ट्रैकर नहीं हैं। कुछ लोग घूमने आए हैं लेकिन वह फिलहाल ग्लेशियर में नहीं गए हैं।
कोट
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरी है हालांकि आवासीय क्षेत्र में हिमपात नहीं हुआ है। जिले में बारिश से सड़कों के बंद होने की सूचना नहीं है। बारिश को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। - शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बागेश्वर।

कोट
बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन को अतिरिक्त सावधानी बरतने और ग्लेशियरों की ओर जाने वालों की पूरी जानकारी रखने को कहा गया है। सड़कों के बंद होने पर तत्काल खोलने की व्यवस्था करने को भी कहा है। - सुरेश गढि़या, विधायक कपकोट।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed