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रेलवे बोर्ड ने दी टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन की प्रारंभिक सर्वे पूरी होने की जानकारी
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प्रतीकात्मक
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बागेश्वर रेल लाइन का प्रारंभिक सर्वे पूरा
बागेश्वर। रेलवे बोर्ड ने प्रस्तावित टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का प्रारंभिक सर्वे पूरा कर लिया है। 154.58 किमी लंबी इस लाइन की सूचना रेल विकास निगम के अध्यक्ष और एमडी को दे दी गई है।
रेलवे बोर्ड के परियोजना और निगरानी निदेशक पंकज कुमार ने 18 जून को रेल विकास निगम के अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक को भेजे पत्र में 154.58 किमी लंबी इस प्रस्तावित लाइन का प्रारंभिक सर्वे पूरा होने की जानकारी दी।
बताया कि इसके लिए 873 करोड़ रुपये की 958 हेक्टेयर जमीन चाहिए। इस परियोजना में 276 पुल और 72 सुरंगों की जरूरत होगी। रेल लाइन के निर्माण में प्रति किमी 45 करोड़ की दर से कुल 6967 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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हाल ही में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से दिल्ली में मुलाकात कर प्रस्तावित रेल लाइनों की मंजूरी मांगी थी। रेल मंत्री ने टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का सर्वे कराने की बात कही थी। रेलवे बोर्ड के निदेशक प्रोजेक्ट के इस पत्र को रेल मंत्री के एलान के क्रम में देखा जा रहा है। परियोजना की डिटेल सर्वे की ओर बढ़ता कदम माना जा रहा है।
ट्विटर पर खूब शेयर हो रही अमर उजाला की खबर
बागेश्वर। 16 जून को ‘109 साल में भी सर्वे तक ही उलझी बागेश्वर रेल लाइन’ शीर्षक के साथ प्रकाशित अमर उजाला की खबर को लोग ट्विटर पर रीट्वीट कर रहे हैं। 109 साल कम नहीं होते, हैशटैग के साथ अमर उजाला की खबर ट्विटर पर खूब शेयर हो रही है।
लोग खबर की सराहना कर रहे हैं। रेल लाइन का निर्माण न होने पर राजनीतिक दलों पर तल्ख टिप्पणी कर रहे हैं। सर्वे तक ही प्रगति सीमित होने को राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी बता रहे हैं। रेल लाइन निर्माण को केवल चुनावी मुद्दे तक सीमित रखने का आरोप राजनीतिक दलों पर लगा रहे हैं।
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बागेश्वर। रेलवे बोर्ड ने प्रस्तावित टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का प्रारंभिक सर्वे पूरा कर लिया है। 154.58 किमी लंबी इस लाइन की सूचना रेल विकास निगम के अध्यक्ष और एमडी को दे दी गई है।
रेलवे बोर्ड के परियोजना और निगरानी निदेशक पंकज कुमार ने 18 जून को रेल विकास निगम के अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक को भेजे पत्र में 154.58 किमी लंबी इस प्रस्तावित लाइन का प्रारंभिक सर्वे पूरा होने की जानकारी दी।
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बताया कि इसके लिए 873 करोड़ रुपये की 958 हेक्टेयर जमीन चाहिए। इस परियोजना में 276 पुल और 72 सुरंगों की जरूरत होगी। रेल लाइन के निर्माण में प्रति किमी 45 करोड़ की दर से कुल 6967 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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हाल ही में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से दिल्ली में मुलाकात कर प्रस्तावित रेल लाइनों की मंजूरी मांगी थी। रेल मंत्री ने टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का सर्वे कराने की बात कही थी। रेलवे बोर्ड के निदेशक प्रोजेक्ट के इस पत्र को रेल मंत्री के एलान के क्रम में देखा जा रहा है। परियोजना की डिटेल सर्वे की ओर बढ़ता कदम माना जा रहा है।
ट्विटर पर खूब शेयर हो रही अमर उजाला की खबर
बागेश्वर। 16 जून को ‘109 साल में भी सर्वे तक ही उलझी बागेश्वर रेल लाइन’ शीर्षक के साथ प्रकाशित अमर उजाला की खबर को लोग ट्विटर पर रीट्वीट कर रहे हैं। 109 साल कम नहीं होते, हैशटैग के साथ अमर उजाला की खबर ट्विटर पर खूब शेयर हो रही है।
लोग खबर की सराहना कर रहे हैं। रेल लाइन का निर्माण न होने पर राजनीतिक दलों पर तल्ख टिप्पणी कर रहे हैं। सर्वे तक ही प्रगति सीमित होने को राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी बता रहे हैं। रेल लाइन निर्माण को केवल चुनावी मुद्दे तक सीमित रखने का आरोप राजनीतिक दलों पर लगा रहे हैं।