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चरस तस्करी के आरोपी को सजा
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बागेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी ने चरस तस्करी करने के अभियुक्त को 12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पिछले साल 29 सितंबर को कपकोट की तत्कालीन एसओ वंदना चौहान ने मुखबिर की सूचना पर भराड़ी मार्केट की ओर पैदल आ रहे लोगों की तलाशी ली। इस दौरान तहसील कपकोट के ग्राम शरण पोस्ट कर्मी निवासी हरीश चंद्र सिंह कठायत उर्फ चंदन के पास 1.635 किलो चरस बरामद हुई थी। चरस जब्त कर उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया था। विधि विज्ञान प्रयोगशाला रुद्रपुर में जांच में भी चरस की पुष्टि हुई।
आरोप पत्र प्रस्तुत होने पर न्यायालय में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह परीक्षित कराए गए। गवाहों के बयान, लैब की रिपोर्ट और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर चंदन को दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई। मामले में राज्य सरकार की ओर से प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला ने पैरवी की। कोर्ट मोहर्रिर राजेंद्रनाथ गोस्वामी, जीवन गिरि गोस्वामी, नवीन लाल ने पैरवी में मदद की। हरीश का परिवार वर्तमान में लालकुआं के बिंदुखत्ता में बस गया है। ब्यूरो
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पिछले साल 29 सितंबर को कपकोट की तत्कालीन एसओ वंदना चौहान ने मुखबिर की सूचना पर भराड़ी मार्केट की ओर पैदल आ रहे लोगों की तलाशी ली। इस दौरान तहसील कपकोट के ग्राम शरण पोस्ट कर्मी निवासी हरीश चंद्र सिंह कठायत उर्फ चंदन के पास 1.635 किलो चरस बरामद हुई थी। चरस जब्त कर उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया था। विधि विज्ञान प्रयोगशाला रुद्रपुर में जांच में भी चरस की पुष्टि हुई।
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आरोप पत्र प्रस्तुत होने पर न्यायालय में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह परीक्षित कराए गए। गवाहों के बयान, लैब की रिपोर्ट और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर चंदन को दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई। मामले में राज्य सरकार की ओर से प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला ने पैरवी की। कोर्ट मोहर्रिर राजेंद्रनाथ गोस्वामी, जीवन गिरि गोस्वामी, नवीन लाल ने पैरवी में मदद की। हरीश का परिवार वर्तमान में लालकुआं के बिंदुखत्ता में बस गया है। ब्यूरो
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