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Bageshwar News: एक साल में धंस गई पशु अस्पताल की जमीन
Sat, 16 Dec 2023 12:04 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 16 Dec 2023 12:04 AM IST
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अपना भवन होने के बावजूद किराये के मकान में संचालित हो रहा पशु चिकित्सालय
बागेश्वर। कपकोट के कर्मी में पशु चिकित्सालय का भवन होने के बावजूद अस्पताल को किराये के भवन में संचालित करना पड़ रहा है। करीब 13 साल पहले बने भवन में मात्र एक साल ही अस्पताल संचालित हो सका। जमीन धंसने के कारण एक साल बाद ही भवन का उपयोग बंद हो गया। हालांकि ग्रामीण भवन निर्माण में अनियमितता होने की बात कर रहे हैं।
कर्मी गांव में साल 2011-12 में पशु अस्पताल का भवन निर्माण हुआ था। छह कमरों के भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद एक साल तक भवन में अस्पताल का संचालन किया गया.। साल 2013 में आपदा के दौरान भवन की जमीन धंसने लगी और भवन पर खतरा मंडराने लगा। जिसके चलते विभाग ने भवन को खाली करा दिया और अस्पताल का संचालन किराये के भवन में होने लगा।
ग्रामीण नारायण सिंह बताते हैं कि जिस स्थान पर भवन बनाया गया, वह दलदली जमीन थी। विभाग ने भवन को गोदाम बनाकर रखा था। इसी दौरान जब जमीन धंसने लगी तो भवन को छोड़ दिया गया। भवन को लेकर ग्रामीण नरेंद्र सिंह का बनाया एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें भवन की हालत बयां हो रही है।
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कोट-
-भवन निर्माण से पूर्व कोई परेशानी नहीं थी। भवन में अस्पताल के शिफ्ट होने के एक साल बाद भूस्खलन हुआ और जमीन धंसने लगी। खतरे को देखते हुए अस्पताल का संचालन किराये के भवन में किया जा रहा है।-डॉ. कमल पंत, सहायक मुख्य पशुचिकित्साधिकारी बागेश्वर
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बागेश्वर। कपकोट के कर्मी में पशु चिकित्सालय का भवन होने के बावजूद अस्पताल को किराये के भवन में संचालित करना पड़ रहा है। करीब 13 साल पहले बने भवन में मात्र एक साल ही अस्पताल संचालित हो सका। जमीन धंसने के कारण एक साल बाद ही भवन का उपयोग बंद हो गया। हालांकि ग्रामीण भवन निर्माण में अनियमितता होने की बात कर रहे हैं।
कर्मी गांव में साल 2011-12 में पशु अस्पताल का भवन निर्माण हुआ था। छह कमरों के भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद एक साल तक भवन में अस्पताल का संचालन किया गया.। साल 2013 में आपदा के दौरान भवन की जमीन धंसने लगी और भवन पर खतरा मंडराने लगा। जिसके चलते विभाग ने भवन को खाली करा दिया और अस्पताल का संचालन किराये के भवन में होने लगा।
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ग्रामीण नारायण सिंह बताते हैं कि जिस स्थान पर भवन बनाया गया, वह दलदली जमीन थी। विभाग ने भवन को गोदाम बनाकर रखा था। इसी दौरान जब जमीन धंसने लगी तो भवन को छोड़ दिया गया। भवन को लेकर ग्रामीण नरेंद्र सिंह का बनाया एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें भवन की हालत बयां हो रही है।
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कोट-
-भवन निर्माण से पूर्व कोई परेशानी नहीं थी। भवन में अस्पताल के शिफ्ट होने के एक साल बाद भूस्खलन हुआ और जमीन धंसने लगी। खतरे को देखते हुए अस्पताल का संचालन किराये के भवन में किया जा रहा है।-डॉ. कमल पंत, सहायक मुख्य पशुचिकित्साधिकारी बागेश्वर