खड़िया वाहनों की भेंट चढ़ी सातचौंरा-जल्थाकोट सड़क
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चार किमी लंबी सातचौंरा-जल्थाकोट सड़क में हर रोज खड़िया से भरे ट्रकों के चलने से उसकी हालत खस्ता हो गई है। हल्की बरसात से सड़क में काफी फिसलन हो जाती है। इससे वाहनों के खाई में गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने शासन और लोनिवि से सड़क की सेहत जल्द सुधारने की मांग की है।
सातचौंरा-जल्थाकोट सड़क में रोजाना अनगिनत खड़िया से भरे ट्रक चलते हैं। बड़ी संख्या में भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क में कुछ समय पहले किया गया डामरीकरण जगह जगह उखड़ गया है। हल्की बर्षात में सड़क में गिरी खड़िया से काफी फिसलन हो जाती है जबकि गर्मी के मौसम में सड़क से बेतरतीव धूल उठती है। सड़क में बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि खस्ताहाल सड़क की सेहत सुधारने की अब तक कई बार मांग कर दी है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। शासन और लोनिवि पर सड़क की उपेक्षा का आरोप मढ़ा है। उन्होंने समस्या का जल्द समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। चेतावनी देने वालों में ग्राम प्रधान नीमा देवी, पूर्व प्रधान धन राम, कैैलाश तिवारी, प्रदीप तेवाड़ी शामिल हैं।
मैंने गत 23 जनवरी को सड़क का निरीक्षण किया है। सड़क में हर रोज खड़िया से लदे ट्रकों की आवाजाही काफी है। जगह-जगह खड़िया का चूरा सड़क में गिरने से उसमें काफी फिसलन रहती है। वह निरीक्षण रिपोर्ट तैयार जिला प्रशासन को भेज रहे हैं। सुधारीकरण का इस्टीमेट शासन को भी भेजेंगे। जहां से भी बजट उपलब्ध होगा सड़क के प्रस्तावित काम शुरू कर दिए जाएंगे। - यूसी पंत लोनिवि के अधिशासी अभियंता लोनिवि प्रांतीय खंड बागेश्वर।