{"_id":"5fba90928ebc3e9beb594e8c","slug":"sales-of-medicines-decreased-during-the-corona-period-bageshwar-news-hld404824231","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना काल में दवाओं की बिक्री घटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना काल में दवाओं की बिक्री घटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। कोरोना काल में मेडिकल की दुकानों से दवाओं की बिक्री घट गई है। सभी दवाओं का लगभग 30 प्रतिशत का कारोबार कम हो गया है। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार की दवा के कारोबार पर अधिक मार पड़ी है। इन बीमारियों की दवा का लगभग 80 प्रतिशत व्यवसाय कम हो है।
जिले में करीब 60 मेडिकल की दुकानें हैं। कोरोना फैलने के बाद दवाओं का व्यापार घटते जा रहा है। कोरोना के पहले जिले में मेडिकल की दुकानों से एक दिन में औसतन करीब 60 लाख रुपये का व्यवसाय होता था। कोरोना फैलने के बाद व्यवसाय में तीस प्रतिशत की कमी आ गई है। फार्मा एसोसिएशन के अध्यक्ष गोकुल जोशी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बाद से मेडिकल स्टोर से दवाओं की खरीद कम हो गई है।
संगठन के सचिव मदन हरड़िया ने बताया कि सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी, एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री की डिमांड सबसे ज्यादा होती है, लेकिन कोरोना महामारी के बीच इन दवाओं को लेने वाले लोगों की संख्या काफी कम हो गई है। इन दवाओं की बिक्री में 80 प्रतिशत तक कमी आई है। कोरोना काल में मेडिकल स्टोर संचालकों को सरकार के सख्त निर्देश हैं कि सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी की दवा बिना चिकित्सक के परामर्श के नहीं दी जाएगी। जो लोग भी इन दवाओं को ले रहे हैं उनका पूरा डाटा एकत्र कर ड्रग इंस्पेक्टर को भेजा जा रहा है। इन दवाओं की बिक्री कम होने के पीछे अहम कारण यही है।
विज्ञापन
बताते हैं कि बच्चों को दी जाने वाली दवाएं (पेटाइटिक दवाएं) की खरीदारी बिलकुल न के बराबर रह गई है। इसके अलावा बीपी, शुगर, डिप्रेशन, हार्ट आदि रूटीन की दवाओं की बिक्री पहले जैसी है। इसमें किसी तरह का अंतर नहीं आया है।
विज्ञापन
जिले में करीब 60 मेडिकल की दुकानें हैं। कोरोना फैलने के बाद दवाओं का व्यापार घटते जा रहा है। कोरोना के पहले जिले में मेडिकल की दुकानों से एक दिन में औसतन करीब 60 लाख रुपये का व्यवसाय होता था। कोरोना फैलने के बाद व्यवसाय में तीस प्रतिशत की कमी आ गई है। फार्मा एसोसिएशन के अध्यक्ष गोकुल जोशी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बाद से मेडिकल स्टोर से दवाओं की खरीद कम हो गई है।
विज्ञापन
संगठन के सचिव मदन हरड़िया ने बताया कि सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी, एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री की डिमांड सबसे ज्यादा होती है, लेकिन कोरोना महामारी के बीच इन दवाओं को लेने वाले लोगों की संख्या काफी कम हो गई है। इन दवाओं की बिक्री में 80 प्रतिशत तक कमी आई है। कोरोना काल में मेडिकल स्टोर संचालकों को सरकार के सख्त निर्देश हैं कि सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी की दवा बिना चिकित्सक के परामर्श के नहीं दी जाएगी। जो लोग भी इन दवाओं को ले रहे हैं उनका पूरा डाटा एकत्र कर ड्रग इंस्पेक्टर को भेजा जा रहा है। इन दवाओं की बिक्री कम होने के पीछे अहम कारण यही है।
विज्ञापन
बताते हैं कि बच्चों को दी जाने वाली दवाएं (पेटाइटिक दवाएं) की खरीदारी बिलकुल न के बराबर रह गई है। इसके अलावा बीपी, शुगर, डिप्रेशन, हार्ट आदि रूटीन की दवाओं की बिक्री पहले जैसी है। इसमें किसी तरह का अंतर नहीं आया है।