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Bageshwar News: अल्मोड़ा डिपो से रिमाेट कंट्रोल पर संचालित हो रहा रोडवेज डिपो
Mon, 25 Aug 2025 11:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 25 Aug 2025 11:49 PM IST
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बागेश्वर। जिले में चार साल से संचालित हो रहे रोडवेज डिपो का संचालन रिमोट कंट्रोल के माध्यम से अल्मोड़ा डिपो से हो रहा है। रोडवेज डिपो में पर्याप्त कर्मचारी नहीं होने से कार्यालय के सभी कामकाज ठप हैं। चार साल पुराने डिपो से अब तक एक भी नई सेवा का संचालन भी नहीं हो पा रहा है।
चार सितंबर 2022 को स्थापित रोडवेज डिपो की स्थापना के चार साल पूरे होने के बाद भी रोडवेज डिपो की हालत में सुधार नहीं हुआ है। बगैर एआरएम के संचालित हो रहे डिपो में लंबे समय से कर्मचारियों और संसाधनों की कमी बनी हुई है। डिपो में एआरएम का पद रिक्त होने से अल्मोड़ा डिपो के एआरएम को ही जिले के एआरएम की जिम्मेदारी दी गई है। डिपो की स्थापना के बाद से डिपो से एक भी नई सेवा का संचालन नहीं हुआ। दिल्ली-धरमघर सेवा धरमघर के बजाय जिला मुख्यालय से हो रही है।
चालक-परिचालकों की कमी से पांच बसें डिपो में खड़ी धूल फांक रही हैं। डिपो की कार्यशाला का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया है। डिपो परिसर में ही अस्थाई कार्यशाला बनाकर वाहनों की मरम्मत की जा रही है। कार्यशाला प्रभारी का पद लंबे समय से रिक्त चल रहा है। कार्यशाला में मैकेनिक के पद पर कार्यरत तकनीशियन ही कार्यशाला प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जिससे वाहनों की मरम्मत और कार्यशाला के कार्यालय संबधित कार्य प्रभावित होते हैं।
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रोडवेज डिपो के एआरएम प्रभारी विजय तिवारी का कहना है कि डिपो में कर्मचारियों और संसाधनों की कमी के बारे में मुख्यालय को अवगत कराया गया है। मुख्यालय से कर्मचारी और संसाधन उपलब्ध होने के बाद नई सेवाओं का संचालन किया जाएगा। समय-समय पर डिपो की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा।
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चार सितंबर 2022 को स्थापित रोडवेज डिपो की स्थापना के चार साल पूरे होने के बाद भी रोडवेज डिपो की हालत में सुधार नहीं हुआ है। बगैर एआरएम के संचालित हो रहे डिपो में लंबे समय से कर्मचारियों और संसाधनों की कमी बनी हुई है। डिपो में एआरएम का पद रिक्त होने से अल्मोड़ा डिपो के एआरएम को ही जिले के एआरएम की जिम्मेदारी दी गई है। डिपो की स्थापना के बाद से डिपो से एक भी नई सेवा का संचालन नहीं हुआ। दिल्ली-धरमघर सेवा धरमघर के बजाय जिला मुख्यालय से हो रही है।
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चालक-परिचालकों की कमी से पांच बसें डिपो में खड़ी धूल फांक रही हैं। डिपो की कार्यशाला का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया है। डिपो परिसर में ही अस्थाई कार्यशाला बनाकर वाहनों की मरम्मत की जा रही है। कार्यशाला प्रभारी का पद लंबे समय से रिक्त चल रहा है। कार्यशाला में मैकेनिक के पद पर कार्यरत तकनीशियन ही कार्यशाला प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जिससे वाहनों की मरम्मत और कार्यशाला के कार्यालय संबधित कार्य प्रभावित होते हैं।
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रोडवेज डिपो के एआरएम प्रभारी विजय तिवारी का कहना है कि डिपो में कर्मचारियों और संसाधनों की कमी के बारे में मुख्यालय को अवगत कराया गया है। मुख्यालय से कर्मचारी और संसाधन उपलब्ध होने के बाद नई सेवाओं का संचालन किया जाएगा। समय-समय पर डिपो की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा।