{"_id":"59de52944f1c1b78548b6d06","slug":"road-should-be-built-on-earlier-survey","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व में हुए सर्वे के आधार पर बने सड़क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व में हुए सर्वे के आधार पर बने सड़क
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Wed, 11 Oct 2017 10:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलौना-रामेश्वर सड़क का निर्माण पुराने सर्वे के आधार कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इसके बाद ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर सर्वे जनहित में कराने के लिए पीएमजीएसवाई को निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने मांग शीघ्र पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। असों, सिमतोली द्वितीय, पाना और तरमोली के ग्रामीणों ने बुधवार को कलक्ट्रेट प्रांगण में प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी रंजना से मुलाकात करके उन्हें ज्ञापन सौंपा।
इसमें ग्रामीणों ने कहा कि 10 साल पहले बिलौना-रामेश्वर सड़क का सर्वे बिलौना से कठानी, हन्योली, बहादुर वन शंातेश्वर सिमतोली, साता से प्यारा गांव तक किया गया था। पिछले दिनों सड़क को हन्योली से घुमाकर चनबौड़ी बोहाला लिंक सड़क तक सर्वे करा दिया गया है। जो कि यह गांव कठपुड़ियाछीना-शेराघाट से आधा किमी से कम दूरी पर हैं जबकि जिन गांवों के लिए पूर्व में सर्वे हुआ था, वह लिंक रोड से पांच किमी की दूरी पर हैं।
कहा कि ग्रामीणों को लिंक रोड पाना गांव जाने तक कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उबड़-खाबड़ रास्तों से होकर लिंक रोड तक प्रसव पीड़िताओं और बुजुर्गोें को डोली में बैठाकर ले जाने में पसीने छूट जाते हैं। सड़क न होने से सिमतोली द्वितीय के साता से 22 और प्यारा गांव से अब तक 16 परिवार पलायन कर गए हैं। गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं भी चौपट हैं। सड़क के बगैर बेटियों के विवाह में भी खासी दिक्कतें हो रही हैं। शवदाह के लिए शांतेश्वर जाना काफी जोखिमभरा हो गया है।
विज्ञापन
उन्होंने डीएम से जनहित में सड़क का निर्माण पूर्व में किए गए सर्वे के अनुसार कराने के लिए शीघ्र पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में तरमोली की प्रधान कृष्ण सिंह मेहता, असों सुंदर राम, पाना बालम सिंह, बीडीसी सदस्य हरीश राम, भूपाल सिंह मनकोटी, गोविंद सिंह मनकोटी, चंदन मेहता, राजेंद्र रावत, प्रताप मेहता, पूर्व कैप्टेन केशर सिंह मेहता, पूर्व सैनिक शोबन सिंह असवाल, उमेद बिष्ट, आनंद मेहता, लक्ष्मण सिंह, प्रताप साह, विरेंद्र असवाल, चंचल और आनंद असवाल आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
इसमें ग्रामीणों ने कहा कि 10 साल पहले बिलौना-रामेश्वर सड़क का सर्वे बिलौना से कठानी, हन्योली, बहादुर वन शंातेश्वर सिमतोली, साता से प्यारा गांव तक किया गया था। पिछले दिनों सड़क को हन्योली से घुमाकर चनबौड़ी बोहाला लिंक सड़क तक सर्वे करा दिया गया है। जो कि यह गांव कठपुड़ियाछीना-शेराघाट से आधा किमी से कम दूरी पर हैं जबकि जिन गांवों के लिए पूर्व में सर्वे हुआ था, वह लिंक रोड से पांच किमी की दूरी पर हैं।
विज्ञापन
कहा कि ग्रामीणों को लिंक रोड पाना गांव जाने तक कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उबड़-खाबड़ रास्तों से होकर लिंक रोड तक प्रसव पीड़िताओं और बुजुर्गोें को डोली में बैठाकर ले जाने में पसीने छूट जाते हैं। सड़क न होने से सिमतोली द्वितीय के साता से 22 और प्यारा गांव से अब तक 16 परिवार पलायन कर गए हैं। गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं भी चौपट हैं। सड़क के बगैर बेटियों के विवाह में भी खासी दिक्कतें हो रही हैं। शवदाह के लिए शांतेश्वर जाना काफी जोखिमभरा हो गया है।
विज्ञापन
उन्होंने डीएम से जनहित में सड़क का निर्माण पूर्व में किए गए सर्वे के अनुसार कराने के लिए शीघ्र पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में तरमोली की प्रधान कृष्ण सिंह मेहता, असों सुंदर राम, पाना बालम सिंह, बीडीसी सदस्य हरीश राम, भूपाल सिंह मनकोटी, गोविंद सिंह मनकोटी, चंदन मेहता, राजेंद्र रावत, प्रताप मेहता, पूर्व कैप्टेन केशर सिंह मेहता, पूर्व सैनिक शोबन सिंह असवाल, उमेद बिष्ट, आनंद मेहता, लक्ष्मण सिंह, प्रताप साह, विरेंद्र असवाल, चंचल और आनंद असवाल आदि शामिल हैं।