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मूसलाधार बारिश से सड़क बंद, 50 से अधिक वाहन फंसे
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
Updated Sun, 29 Apr 2018 10:41 PM IST
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बारिश
- फोटो : PTI
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मूसलाधार बारिश से जिले का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लगभग तीन घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से बागेश्वर-गिरेछीना और गरुड़-फल्यांटी मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हो गए। फल्यांटी सड़क में मलबा आने की सूचना पर बारात के वाहनों सहित 50 वाहन फंस गए। लोगों के प्रयास से शाम छह बजे मार्ग छोटे वाहनों के लिए खुल गया। बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए।
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रविवार को दिन में मौसम साफ रहा। आसमान के बादलों से घिरते ही दोपहर तीन बजे से तेज बारिश शुरू हो गई। जिला मुख्यालय सहित विभिन्न हिस्सों में ओले भी गिरे। गरुड़ में कई स्थानों पर भीषण ओलावृष्टि हुई। इस दौरान गरुड़-फल्यांटी और बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्गों पर मलबा आ गया। गरुड़-फल्यांटी सड़क पर कई स्थानों पर मलबा आ गया।
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इससे दर्जनों की संख्या में वाहन फंस गए। शाम छह बजे बारिश कम होने पर लोगों ने मार्ग में पड़े पत्थर हटाए। इसके बाद छोटे वाहनों के लिए मार्ग खुला। तेज चमक और गरज के साथ बारिश के कारण जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश से कई नदी-नाले भी उफना गए। काफलीगैर क्षेत्र में भी तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई। देर शाम तक बारिश का क्रम जारी था।
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बारिश के कारण बारातों के कार्यक्रमों में भी खलल पड़ा। कई एक दिनी बारातें समय से विदा नहीं हो पाईं। इधर, आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि मार्ग खोलने को लेकर संबंधित विभागों को सूचित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 30 अप्रैल और एक मई को भी बारिश की आशंका है। इसको देखते हुए सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए ह्रैं।
ओलावृष्टि से खेती प्रभावित
पल्ला कमस्यार के गांवों में तीन दिनों से रोजाना दोपहर बाद बारिश के साथ ही ओले गिर रहे हैं। मौसम के साथ नहीं देने से खेती पर बुरा असर पड़ा है। खराब मौसम के चलते खेतों में रबी की फसल काली पड़ रही है और कटा हुआ गेहूं भी खराब हो रहा है। किसानों ने बताया कि तीन दिनों से क्षेत्र के गांवों में 20 से 50 ग्राम वजन के ओले गिर रहे हैं। इससे शाकभाजी और फलोत्पादन पर भी बुरा असर पड़ रहा है।