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Bageshwar News: 20 साल से जिले की महिलाओं की सेहत का जिम्मा उठा रहीं रीमा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Sep 2025 07:32 PM IST
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Reema has been taking care of the health of the women of the district for 20 years.
बागेश्वर। जिला अस्पताल में बीते 20 साल से सेवाएं दे रही एकमात्र महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रीमा उपाध्याय ने जटिल सर्जरी कर कई महिलाओं की जान बचाई है। उनकी कार्य क्षमता से प्रभावित होकर जिला अस्पताल में अन्य जिलों से भी प्रसव के लिए गर्भवतियां पहुंचती हैं।
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डॉ. रीमा उपाध्याय ने साल 2006 में जिला अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। उनसे पूर्व में जिला अस्पताल से अधिकांश गर्भवतियों को प्रसव के लिए हायर सेंटर रेफर किया जाता था। डॉ. उपाध्याय ने बताया कि शुरूआत में रक्तकोष नहीं होने से कई बार सर्जरी से होने वाले प्रसवों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन बाद में अस्पताल में रक्तकोष की स्थापना हुई और ब्लड उपलब्ध होने लगा। अस्पताल में दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को कोई परेशानी न हो इसके लिए प्रसव से पहले गर्भवतियों को नियमित जांच कराई जाती है। अस्पताल में प्रसव से लेकर गर्भवतियों की जांच तक के कार्यों में डॉ. गायत्री पांगती उनका सहयोग करती हैं। संवाद
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जब आनन-फानन में निकालनी पड़ी बच्चेदानी

महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रीमा उपाध्याय ने बताया कि उनके नर्सिंग स्टाफ की एक महिला का तीसरा बच्चा सामान्य प्रसव से हुआ लेकिन प्रसव के बाद रक्तस्राव बंद नहीं हुआ। काफी कोशिश के बाद जब रक्तस्राव बंद नहीं हुआ तो बच्चेदानी निकालकर उनकी जान बचाई गई। दूसरे मामले में सामान्य प्रसव के बाद महिला का रक्तस्राव बंद नहीं हुआ। इससे महिला की बच्चेदानी में हेमेटोमा हो गया था। महिला को अस्पताल में 10 दिन तक भर्ती कर उपचार किया गया। खून की कमी दूर करने के लिए शरीर में ब्लड चढ़ाया गया।
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लापरवाही का शिकार होती हैं अधिकांश गर्भवतियां


महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. उपाध्याय ने बताया कि जिले में महिलाएं गर्भवती और अन्य बीमारी से ग्रसित होने पर अस्पताल आने से बचती हैं। कई महिलाएं गंभीर स्थिति होने के बाद अस्पताल पहुंचती हैं। इस लापरवाही के चलते उपचार या प्रसव कराना जटिल हो जाता है। महिलाओं को समय रहते अस्पताल पहुंचना चाहिए।
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