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रामलीलाओं से पहाड़ की संस्कृति को सरंक्षण मिलता है
अमर उजाला/ब्यूरो/ बागेश्वर।
Updated Wed, 28 Oct 2015 11:36 PM IST
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मंगलवार की शाम संस्कृत गांव भंतोला में तीसरे दिन की रामलीला मंचन का शुभारंभ कर सलाहकार समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने दीप जला कर किया।
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उन्होंने कहा कि रामलीलाओं से पहाड़ की संस्कृति को सरंक्षण मिलता है। उन्होंने लोगों से श्री राम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने को कहा।
उन्होंने लोगों से नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा। उन्होंने रामलीला मैदान के पुनर्निर्माण में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
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तीसरे दिन की रामलीला में धनुष यज्ञ मंचन किया गया। कमेटी के अध्यक्ष पदम सिंह मेहता ने कर्नाटक का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन राकेश जोशी ने किया।
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यहां रामलीला के निर्देशक रमेश जोशी, हेम जोशी, डा. गिरीश जोशी, लक्ष्मण धामी, जोगा सिंह मेहता, सुरेश जोशी, राजेंद्र धामी, विनोद जोशी, तेज सिंह रावत, भीम सिंह रावत और केवलानंद जोशी आदि थे। अतिथि शिक्षकों के एक शिष्टमंडल ने कर्नाटक से मुलाकात की और उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।