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कोरोना ग्रहण में नहीं होगी राम की लीला
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बागेश्वर। आश्विन के शारदीय नवरात्रि में पहाड़ रामलीला के रंग में रंग जाता था। शहर, नगर, कस्बों और गांवों में रामलीलाएं होती थीं। इस बार रामलीला पर भी कोरोना का ग्रहण लगना तय माना जा रहा है। कोरोना संक्रमण के कारण अब तक रामलीला की तालीम तक शुरू नहीं हुई है।
कोरोना के चलते इस वर्ष तमाम त्योहारों और मेलों का आयोजन निरस्त हुआ है या परंपरा निभाने के लिए सांकेतिक रूप में मनाए जा रहे हैं। जिला मुख्यालय के साथ ही गरुड़ में शारदीय नवरात्रियों में रामलीला का आयोजन किया जाता था। जिला मुख्यालय में करीब 125 वर्ष से रामलीला होती आई है। दीपावली के बाद भी कांडा समेत कई स्थानों में रामलीला का आयोजन होता था। लेकिन कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष जिला मुख्यालय के साथ ही अन्य स्थानों में रामलीला का आयोजन रद्द होने की कगार पर पहुंच गया है। जुलाई अंत और अगस्त की शुरुआत में रामलीला की तालीम शुरू हो जाया करती थी। कलाकारों को अभिनय और गायन का गहन प्रशिक्षण दिया जाता था। शास्त्रीय रागों के आधार पर रामलीला में गायन होता था। लोग दूरदराज से रामलीला देखने के लिए आते थे।
कोट
रामलीला आयोजन को लेकर आगामी बैठक में निर्णय लिया जाएगा। कहा कि कोरोना का खतरा कम नहीं हुआ तो रामलीला का आयोजन संभव नहीं है। - मनोज पांडे, अध्यक्ष बागेश्वर रामलीला आयोजन समिति
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इस बार कोरोना महामारी के कारण रामलीला आयोजन की संभावनाएं काफी कम हैं। अब तक तालीम पर भी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
- मोहन चंद्र चंदोला, उपाध्यक्ष कांडा रामलीला कमेटी
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कोरोना के चलते इस वर्ष तमाम त्योहारों और मेलों का आयोजन निरस्त हुआ है या परंपरा निभाने के लिए सांकेतिक रूप में मनाए जा रहे हैं। जिला मुख्यालय के साथ ही गरुड़ में शारदीय नवरात्रियों में रामलीला का आयोजन किया जाता था। जिला मुख्यालय में करीब 125 वर्ष से रामलीला होती आई है। दीपावली के बाद भी कांडा समेत कई स्थानों में रामलीला का आयोजन होता था। लेकिन कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष जिला मुख्यालय के साथ ही अन्य स्थानों में रामलीला का आयोजन रद्द होने की कगार पर पहुंच गया है। जुलाई अंत और अगस्त की शुरुआत में रामलीला की तालीम शुरू हो जाया करती थी। कलाकारों को अभिनय और गायन का गहन प्रशिक्षण दिया जाता था। शास्त्रीय रागों के आधार पर रामलीला में गायन होता था। लोग दूरदराज से रामलीला देखने के लिए आते थे।
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रामलीला आयोजन को लेकर आगामी बैठक में निर्णय लिया जाएगा। कहा कि कोरोना का खतरा कम नहीं हुआ तो रामलीला का आयोजन संभव नहीं है। - मनोज पांडे, अध्यक्ष बागेश्वर रामलीला आयोजन समिति
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इस बार कोरोना महामारी के कारण रामलीला आयोजन की संभावनाएं काफी कम हैं। अब तक तालीम पर भी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
- मोहन चंद्र चंदोला, उपाध्यक्ष कांडा रामलीला कमेटी