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Bageshwar News: बारिश की नमी बिगाड़ सकती है फलों की सेहत

Tue, 02 May 2023 11:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Tue, 02 May 2023 11:41 PM IST
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Rain moisture can spoil the health of fruits
बागेश्वर। बेमौसम हो रही बारिश का सबसे अधिक प्रभाव खेती किसानी पर पड़ रहा है। गेहूं की पैदावार बारिश से सबसे अधिक प्रभावित हुई है तो बारिश थमने के बाद फलों की सेहत भी बिगड़ने की आशंका बनी है। बारिश की नमी से कई फल फंगस या फफूंद की चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में अगर फल उत्पादकों ने ध्यान नहीं दिया तो उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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अप्रैल और मई में आम के फलों के बढ़ने का समय होता है। लीची, अनार, दाड़िम, अमरूद और नींबू प्रजाति के फल भी इसी मौसम में होते हैं। इन फलों को नमी मुक्त वातावरण की जरूरत होती है, लेकिन इस साल हो रही बारिश ने हालात बदलकर रख दिए हैं। लगातार बारिश के कारण तापमान कम होता जा रहा है। जिसका प्रभाव फलों की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
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सहायक उद्यान अधिकारी कुलदीप जोशी बताते हैं कि जिले में करीब 500 हेक्टेयर में इन फलों की पैदावार होती है। बारिश कम होने के बाद जब धूप निकलेगी तो फलों की जड़ में जमा नमी से फंगस पैदा होने की आशंका रहती है। फफूंद की चपेट में आने से फलों की बढ़वार रुक सकती है। फल गिर सकते हैं या काले पड़ सकते हैं। इस बीमारी से फलों को बचाने के लिए काश्तकारों को फफूंदी नाशक का स्प्रे करना होगा। काश्तकार डॉयमैथोवेट एम-45 या किसी अन्य केमिकल का छिड़काव कर सकते हैं। केमिकल को दो ग्राम प्रति लीटर के अनुपात में पानी में मिलाकर स्प्रे किया जाता है। आम को कीट से बचाने के लिए प्रोपेनोफोस को दो एमएल प्रति लीटर या इमिडाक्लोरोप्री को तीन एमएल प्रति 10 लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे करना चाहिए।
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इनसेट
स्प्रे करते समय बरतें विशेष सावधानी
बागेश्वर। सहायक उद्यान अधिकारी जोशी ने बताया कि स्प्रे शाम के समय ही किया जाए और स्प्रे के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। स्प्रे करते समय मुंह, नाक को ढका जाना चाहिए और कीटनाशक बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए। उद्यान विभाग से 50 प्रतिशत अनुदान में कीटनाशक काश्तकारों को उपलब्ध कराया जाता है।
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