फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   rail in bageshwar

रेल लाइन से घट जाती मैदान से पहाड़ की दूरी वर्ष 1890, 1912 और 1929 में सर्वे किया गया

Sat, 13 May 2017 11:29 PM IST
बागेश्वर
बागेश्वर Updated Sat, 13 May 2017 11:29 PM IST
विज्ञापन
rail in bageshwar
रेल की मांग - फोटो : अमर उजाला

बागेश्वर। बागेश्वर के लिए यदि टनकपुर से रेल लाइन बनती तो मैदान और पहाड़ की दूरी घट जाती लेकिन 13 वर्षों के संघर्ष के बाद भी इस रेल लाइन को मंजूरी न मिलने से टनकपुर-बागेश्वर रेल निर्माण की मांग करने वालों में नाराजगी है। संघर्ष समिति का कहना है कि गढ़वाल के साथ ही कुमाऊं की काशी बागेश्वर के लिए भी रेल मार्ग का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। 

विज्ञापन


देश की आजादी से पहले टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का सर्वे सबसे पहले 1890, दूसरा सर्वे 1912 और तीसरा सर्वे 1929 में किया गया। आजादी के बाद रेल लाइन की मांग हाशिए पर डाल दी गई। राज्य गठन के बाद जनता ने रेल लाइन की मांग उठानी शुरू की। प्रमुख राज्य आंदोलनकारी गुसांई सिंह दफौटी ने रेल लाइन के लिए 2004 से आंदोलन शुरू किया। रेल लाइन के सामरिक महत्व को देखते हुए वर्ष 2010 में तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी ने विभागीय बजट में इस रेल लाइन का सर्वे कराने की घोषणा की।

विज्ञापन


2012 में रेल बजट में 4300 करोड़ रुपए स्वीकृत करने की बात तो कही लेकिन इसके बाद कोई चर्चा नहीं हुई। नदी किनारे प्रस्तावित रेल लाइन के बीच में पंचेश्वर बांध के निर्माण की चर्चा से भी इस रेल लाइन के निर्माण पर संशय के बादल छाए हैं। निर्माण संघर्ष समिति की अध्यक्षा नीमा दफौटी का कहना है कि बागेश्वर कुमाऊं की काशी है। यहां का बड़ा धार्मिक महत्व है। पर्यटक भी बड़ी संख्या में यहां आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्थानीय जनता को घंटों का सफर तय कर मैदान में पहुंचना पड़ता है। अच्छी यातायात व्यवस्था न होने से लोग पलायन करने को मजबूर हैं। रेल लाइन बनेगी तो पलायन रुकेगा। इसको देखते हुए केंद्र सरकार को शीघ्र इसके लिए बजट जारी करना चाहिए। रेल लाइन निर्माण को स्वीकृति मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed