{"_id":"5c1a86d4bdec2256f5337bca","slug":"prd-jawans-went-for-protest-again","type":"story","status":"publish","title_hn":"समझौते के बाद फिर धरने पर बैठे पीआरडी जवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समझौते के बाद फिर धरने पर बैठे पीआरडी जवान
Wed, 19 Dec 2018 11:28 PM IST
Almora desk
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Published by: Almora desk
Updated Wed, 19 Dec 2018 11:28 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर के कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करती महिला पीआरडी जवान।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रशासन के साथ मंगलवार को हुए समझौते के बाद समाप्त हुए आंदोलन को पीआरडी जवानों ने बुधवार से फिर से शुरू कर दिया। उन्होंने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।
नियमित तौर पर नियुक्ति दिए जाने की मांग को लेकर पीआरडी जवानों ने मंगलवार से कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन शुरू किया था। मंगलवार की सायं विभागीय अधिकारी सहित जिला प्रशासन के साथ हड़ताली पीआरडी जवानों के साथ हुई वार्ता के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया था।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया था कि पीआरडी जवानों को नियुक्ति दी जाएगी। जवानों का आरोप है कि मौखिक समझौते में प्रशासन ने कहा था कि नियमित तौर पर नियुक्ति दी जाएगी, लेकिन जब लिखित समझौता मिला तो उसमें लिखा था कि फिलहाल 15 दिन के लिए नियुक्ति दी जाएगी।
विज्ञापन
शासन से बजट मिलने के उपरांत नियमित तौर पर तैनाती मिलेगी। हड़ताली पीआरडी जवानों ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए बुधवार से फिर से आंदोलन शुरू कर दिया। चेतावनी दी कि जब नियमित तौर पर तैनाती नहीं मिल जाती है तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। धरने में प्रेमा खेतवाल, माया गिरि, कंचन वर्मा, पुष्पा, तनूजा, नीमा, मुन्नी, तुलसी, निर्मला आदि थे।
विज्ञापन
नियमित तौर पर नियुक्ति दिए जाने की मांग को लेकर पीआरडी जवानों ने मंगलवार से कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन शुरू किया था। मंगलवार की सायं विभागीय अधिकारी सहित जिला प्रशासन के साथ हड़ताली पीआरडी जवानों के साथ हुई वार्ता के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया था।
विज्ञापन
प्रशासन ने भरोसा दिलाया था कि पीआरडी जवानों को नियुक्ति दी जाएगी। जवानों का आरोप है कि मौखिक समझौते में प्रशासन ने कहा था कि नियमित तौर पर नियुक्ति दी जाएगी, लेकिन जब लिखित समझौता मिला तो उसमें लिखा था कि फिलहाल 15 दिन के लिए नियुक्ति दी जाएगी।
विज्ञापन
शासन से बजट मिलने के उपरांत नियमित तौर पर तैनाती मिलेगी। हड़ताली पीआरडी जवानों ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए बुधवार से फिर से आंदोलन शुरू कर दिया। चेतावनी दी कि जब नियमित तौर पर तैनाती नहीं मिल जाती है तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। धरने में प्रेमा खेतवाल, माया गिरि, कंचन वर्मा, पुष्पा, तनूजा, नीमा, मुन्नी, तुलसी, निर्मला आदि थे।