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पावर प्रोजेक्ट और ग्रामीणों का टकराव टला
ब्यूरो/अमर उजाला, कपकोट (बागेश्वर)।
Updated Mon, 10 Jul 2017 10:46 PM IST
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कपकोट के मुनार गांव में ग्रामीणों से वार्ता करते एसडीएम रवींद्र बिष्ट।
- फोटो : amar ujala
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भूमि का मुआवजा और पावर हाउस में नौकरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर पर्वतीय पावर प्रोजेक्ट और ग्रामीणों के बीच चल रहा टकराव प्रशासन के आश्वासन पर फिलहाल टल गया है। 28 जुलाई को कंपनी के मालिक के पहुंचने पर प्रशासन की मध्यस्थता में वार्ता होगी। ग्रामीणों ने उनके हितों की अनदेखी करने पर फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है।
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मालूम हो कि कंपनी द्वारा विभिन्न उद्देश्यों को लेकर उपयोग में लाई गई भूमि का मुआवजा दिए जाने, प्रभावित ग्रामीणों को कंपनी में नौकरी देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर चार दिन पूर्व ग्रामीणों ने पावर प्रोजेक्ट की पानी की आपूर्ति ठप कर दी थी। इससे बिजली का उत्पादन ठप हो गया था।
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कंपनी के अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों के खिलाफ मारपीट, गालीगलौज और आर्थिक नुकसान पहुंचाने की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई गई थी। इससे ग्रामीणों में और अधिक आक्रोश फैल गया था। ग्रामीणों और कंपनी के बीच टकराव को देखते हुए कपकोट के एसडीएम रवींद्र बिष्ट ने पुलिस फोर्स के साथ मुनार पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली।
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उन्होंने ग्रामीणों और अधिकारियों से वार्ता के बाद 28 जुलाई को कंपनी के मालिक की मौजूदगी में समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण मान गए। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि कंपनी ने उनके हितों की अनदेखी की तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।