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काफी जद्दोजहद के बाद हुआ पोस्टमार्टम
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बागेश्वर जिला अस्पताल में मृतक का पोस्टमार्टम न होने के खिलाफ धरना देते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान जान गंवाने वाले बुजुर्ग के पोस्टमार्टम को लेकर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल रहा। पोस्टमार्टम होने में देरी को लेकर लोगों ने जिला अस्पताल में धरना दिया। कांग्रेस और भाजपा नेताओं की मौजूदगी में जनता के विरोध के बाद प्रशासन के हस्तक्षेप से मृतक का पोस्टमार्टम हुआ।
गरुड़ तहसील के कंस्यारी, गागरीगोल निवासी गंगा सिंह (58) पुत्र नर सिंह की सोमवार को इलाज के दौरान बागेश्वर के द्यांगण स्थित निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा था। जनप्रतिनिधियों ने मामले की जांच की मांग की थी। उन्होंने मामले में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए थे।
मंगलवार को मृतक के परिजन और गांव के लोग पोस्टमार्टम के इंतजार में सुबह 10 बजे से जिला अस्पताल में बैठे रहे लेकिन पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। भाजपा जिलाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट, कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री ललित फर्स्वाण आदि के विरोध जताने पर भी जब पोस्टमार्टम शुरू नहीं हुआ तो लोग भड़क गए। इस बीच कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बालकृष्ण, मनोज कुमार, सूरज बहादुर सिंह, महेश पंत, मंजू बोरा, जगदीश सिंह, प्रताप सिंह, अर्जुन देव, कैलाश सिंह आदि ने धरना शुरू कर दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट भी मौके पर थे।
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तीन डॉक्टरों के पैनल में शामिल एक डॉक्टर की असहमति के कारण पोस्टमार्टम में देरी की बात सामने आई। इसके बाद एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम योगेंद्र सिंह, सीएमओ डॉ. बीडी जोशी मौके पर पहुंचे। इनके हस्तक्षेप के बाद शाम करीब साढ़े चार बजे पोस्टमार्टम शुरू हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इधर, पुलिस क्षेत्राधिकारी शिवराज सिंह राणा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, तहसीलदार नवाजिश खलीक का कहना है कि प्रकरण की जांच की जा रही है।
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गरुड़ तहसील के कंस्यारी, गागरीगोल निवासी गंगा सिंह (58) पुत्र नर सिंह की सोमवार को इलाज के दौरान बागेश्वर के द्यांगण स्थित निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा था। जनप्रतिनिधियों ने मामले की जांच की मांग की थी। उन्होंने मामले में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए थे।
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मंगलवार को मृतक के परिजन और गांव के लोग पोस्टमार्टम के इंतजार में सुबह 10 बजे से जिला अस्पताल में बैठे रहे लेकिन पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। भाजपा जिलाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट, कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री ललित फर्स्वाण आदि के विरोध जताने पर भी जब पोस्टमार्टम शुरू नहीं हुआ तो लोग भड़क गए। इस बीच कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बालकृष्ण, मनोज कुमार, सूरज बहादुर सिंह, महेश पंत, मंजू बोरा, जगदीश सिंह, प्रताप सिंह, अर्जुन देव, कैलाश सिंह आदि ने धरना शुरू कर दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट भी मौके पर थे।
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तीन डॉक्टरों के पैनल में शामिल एक डॉक्टर की असहमति के कारण पोस्टमार्टम में देरी की बात सामने आई। इसके बाद एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम योगेंद्र सिंह, सीएमओ डॉ. बीडी जोशी मौके पर पहुंचे। इनके हस्तक्षेप के बाद शाम करीब साढ़े चार बजे पोस्टमार्टम शुरू हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इधर, पुलिस क्षेत्राधिकारी शिवराज सिंह राणा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, तहसीलदार नवाजिश खलीक का कहना है कि प्रकरण की जांच की जा रही है।