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Bageshwar News: धूमधाम से मनाई कस्तूरी मृग अनुसंधान केंद्र की स्वर्ण जयंती
Sun, 25 Jun 2023 12:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 25 Jun 2023 12:12 AM IST
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धरमघर (बागेश्वर)। कस्तूरी मृग अनुसंधान केंद्र महरूड़ी की स्थापना के 50 वर्ष पूरे हो गए हैं। केंद्र में धूमधाम से स्वर्ण जयंती समारोह मनाया गया।
मुख्य अतिथि केंद्रीय आयुर्वेदीय अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. वैद्य रविनारायण आचार्य ने कस्तूरी मृग अनुसंधान केंद्र महरूड़ी की महत्ता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1973 में स्थापित केंद्र का 50 साल से सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कस्तूरी मृग के बारे में जानकारी दी। कहा कि कस्तूरी 22 प्रकार की घास खाती है। कस्तूरी के भोजनयोग्य घास अनुसंधान केंद्र में ही उगाया जाए। अधिकारी- कर्मचारी इसे गंभीरता से लें।
क्षेत्रीय आयुर्वेदीय अनुसंधान संस्थान रानीखेत के प्रभारी सहायक निदेशक अचिंत्य मित्रा ने बताया कि महरूड़ी स्थित कस्तूरी अनुसंधान केंद्र में वर्तमान में 12 कस्तूरी मृग हैं। इनकी देखरेख सफलतापूर्वक की जा रही है। कार्यक्रम में महानिदेशक आचार्य ने अनुसंधान केंद्र के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित किया। उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में सहायक निदेशक डॉ. संजय, अनु अधिकारी वन सिद्ध मल्यया, वैद्य सूर्य प्रकाश शर्मा, डॉ. हीरा राम, सहायक निदेशक डॉ. संजीव कुमार, डॉ. ओम प्रकाश पूर्व प्रभारी डॉ. जीसी जोशी, डॉ. पीसी जोशी, डॉ. आरएस तिवारी, डॉ. ऐश्वर्या, डॉ. एलएमएस नयाल, महरूड़ी लमजिंगड़ा के सरपंच धीरज महर, ग्राम प्रधान उत्तम राठौर, गंगा सिंह पांगती, डिप्टी रेंजर पूरन कार्की और वन विभाग के कर्मचारी मौजूद थे। संवाद
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मुख्य अतिथि केंद्रीय आयुर्वेदीय अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. वैद्य रविनारायण आचार्य ने कस्तूरी मृग अनुसंधान केंद्र महरूड़ी की महत्ता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1973 में स्थापित केंद्र का 50 साल से सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कस्तूरी मृग के बारे में जानकारी दी। कहा कि कस्तूरी 22 प्रकार की घास खाती है। कस्तूरी के भोजनयोग्य घास अनुसंधान केंद्र में ही उगाया जाए। अधिकारी- कर्मचारी इसे गंभीरता से लें।
क्षेत्रीय आयुर्वेदीय अनुसंधान संस्थान रानीखेत के प्रभारी सहायक निदेशक अचिंत्य मित्रा ने बताया कि महरूड़ी स्थित कस्तूरी अनुसंधान केंद्र में वर्तमान में 12 कस्तूरी मृग हैं। इनकी देखरेख सफलतापूर्वक की जा रही है। कार्यक्रम में महानिदेशक आचार्य ने अनुसंधान केंद्र के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित किया। उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में सहायक निदेशक डॉ. संजय, अनु अधिकारी वन सिद्ध मल्यया, वैद्य सूर्य प्रकाश शर्मा, डॉ. हीरा राम, सहायक निदेशक डॉ. संजीव कुमार, डॉ. ओम प्रकाश पूर्व प्रभारी डॉ. जीसी जोशी, डॉ. पीसी जोशी, डॉ. आरएस तिवारी, डॉ. ऐश्वर्या, डॉ. एलएमएस नयाल, महरूड़ी लमजिंगड़ा के सरपंच धीरज महर, ग्राम प्रधान उत्तम राठौर, गंगा सिंह पांगती, डिप्टी रेंजर पूरन कार्की और वन विभाग के कर्मचारी मौजूद थे। संवाद
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