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रसोई गैस का वाहन आते ही सिलेंडर के लिए टूट पड़े लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Sun, 13 Aug 2017 11:08 PM IST
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बागेश्वर के नुमाइशखेत में सिलेंडरों के लिए पहुंचे लोग
- फोटो : amar ujala
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जिले में रसोई गैस का संकट गहराता जा रहा है। प्लांट से सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं होने से बागेश्वर में सिलेंडरों का बैकलॉग चार हजार से ऊपर पहुंच गया है। 19 दिन बाद रविवार को वाहन आते ही लोग सिलेंडरों के लिए टूट पड़े।
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गैस विभाग द्वारा रविवार को नुमाइशखेत में गैस सिलेंडर बांटे गए। सिलेंडर के लिए सुबह से ही लोग कतार में खड़े हो गए। गैस विभाग के कर्मचारियों को सिलेंडरों का वितरण करने में मशक्कत करनी पड़ी। सिलेंडरों की सीमित संख्या और अधिक उपभोक्ताओं के कारण कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
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जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी रसोई गैस की किल्लत बनी हुई है। कम सिलेंडर आने से गांवों में लंबे समय से सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं हुई है। गैस नहीं होने से लोग लकड़ियों में खाना बनाने को मजबूर हैं। गैस विभाग के अनुसार प्लांट से ही मांग के अनुसार रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं होने से किल्लत बनी हुई है। एक दिन में दो सौ से तीन सौ सिलेंडर आ रहे हैं। गैस संकट वाले क्षेत्रों में सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है।
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