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कूड़ा डालकर सफाई अभियान को पलीता लगा रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Fri, 14 Apr 2017 10:54 PM IST
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कूड़ा
- फोटो : amar ujala
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नगर में एक ओर पवित्र नदियों और नालों की सफाई का अभियान चल रहा है। दूसरी ओर कुछ लोग नदी नालों में कूड़ा-करकट डालकर इस अभियान को पलीता लगाने में जुटे हैं। जागरूक लोगों ने नदियों को दूषित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
वर्षों से कूड़ाघर बना दी गई सरयू, गोमती नदियों के साथ ही भागीरथी नाले की सफाई का कार्य चल रहा है। इसके लिए जागरूक लोगों की ओर से बाकायदा पवित्र भागीरथी अभियान के नाम से कोर कमेटी का गठन कर सफाई की जा रही है। हर रविवार को कमेटी के सदस्य नाले में उतरकर सफाई कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से मिले सहयोग से इस कार्य में काफी हद तक सफलता मिली है। डीएम मंगेश घिल्डियाल के निर्देश पर लोनिवि की जेसीबी से भागीरथी नाले में जमा काफी मलबे को हटाया जा चुका है। इस सफाई के बाद कई स्थानों पर अब भागीरथी नाले में साफ पानी नजर आने लगा है। धार्मिक नगरी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर चले इस अभियान को समर्थन देने के बजाय कुछ लोग अभी भी घरों का कूड़ा नाले में ही डाल रहे हैं। ऐसे में अभियान से जुड़े लोगों में नाराजगी है। अभियान के सक्रिय सदस्य भूपेंद्र जोशी का कहना है कि नगर का धार्मिक महत्व है। देश के कोने-कोने से लोग यहां पर पवित्र स्नान करने आते हैं। यदि नदियों में घरों की गंदगी फेंकी जाएगी तो पर्यावरण प्रदूषित तो होगा ही धार्मिक कार्यों के लिए संगम स्थल पर आने वाले लोगों की भावनाएं आहत होंगी। इधर, नगरपालिका के ईओ ईश्वर सिंह रावत का कहना है कि नगर क्षेत्र में कूड़ेदान लगाए गए हैं। लोग कूड़ा कूड़ेदानों में ही डालें इसके लिए कूड़ेदान लगाए गए हैं। नदियों की निगरानी के लिए विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं। यदि कोई भी व्यक्ति नदी नालों में कूड़ा डालता नजर आया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
14बीजीएस 02 पी - भागीरथी नाले में डाला गया कूड़ा।
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वर्षों से कूड़ाघर बना दी गई सरयू, गोमती नदियों के साथ ही भागीरथी नाले की सफाई का कार्य चल रहा है। इसके लिए जागरूक लोगों की ओर से बाकायदा पवित्र भागीरथी अभियान के नाम से कोर कमेटी का गठन कर सफाई की जा रही है। हर रविवार को कमेटी के सदस्य नाले में उतरकर सफाई कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से मिले सहयोग से इस कार्य में काफी हद तक सफलता मिली है। डीएम मंगेश घिल्डियाल के निर्देश पर लोनिवि की जेसीबी से भागीरथी नाले में जमा काफी मलबे को हटाया जा चुका है। इस सफाई के बाद कई स्थानों पर अब भागीरथी नाले में साफ पानी नजर आने लगा है। धार्मिक नगरी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर चले इस अभियान को समर्थन देने के बजाय कुछ लोग अभी भी घरों का कूड़ा नाले में ही डाल रहे हैं। ऐसे में अभियान से जुड़े लोगों में नाराजगी है। अभियान के सक्रिय सदस्य भूपेंद्र जोशी का कहना है कि नगर का धार्मिक महत्व है। देश के कोने-कोने से लोग यहां पर पवित्र स्नान करने आते हैं। यदि नदियों में घरों की गंदगी फेंकी जाएगी तो पर्यावरण प्रदूषित तो होगा ही धार्मिक कार्यों के लिए संगम स्थल पर आने वाले लोगों की भावनाएं आहत होंगी। इधर, नगरपालिका के ईओ ईश्वर सिंह रावत का कहना है कि नगर क्षेत्र में कूड़ेदान लगाए गए हैं। लोग कूड़ा कूड़ेदानों में ही डालें इसके लिए कूड़ेदान लगाए गए हैं। नदियों की निगरानी के लिए विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं। यदि कोई भी व्यक्ति नदी नालों में कूड़ा डालता नजर आया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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14बीजीएस 02 पी - भागीरथी नाले में डाला गया कूड़ा।