फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   People face problems.

Bageshwar News: सीमांत गांव दाबू पहुंचने तक 1500 हो जाती है सिलिंडर की कीमत

Tue, 29 Aug 2023 12:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Tue, 29 Aug 2023 12:25 AM IST
विज्ञापन
People face problems.
शंकर पांडेय
विज्ञापन


बागेश्वर। एक ओर हमारा देश चंद्रयान के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग का जश्न मना रहा है, दूसरी ओर कई गांव मूलभूत सुविधाओं की बाट जोह रहे हैं। ऐसे ही गांवों में शामिल है कुमाऊं और गढ़वाल की सीमा पर बसा जिले का दाबू गांव। यह गांव आज भी शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं से महरूम है। जूनियर हाईस्कूल से आगे की शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को 10 किमी दूर जाना पड़ता है। हालात ये हैं कि गांव पहुुंचने तक रसोई गैस सिलिंडर की कीमत 1500 रुपये हो जाती है।
जिला मुख्यालय से करीब 47 किमी दूर सिमगड़ी ग्राम पंचायत के तोक दाबू गांव में अनुसूचित जाति के 71 परिवार निवास करते हैं। गरुड़ तहसील के अंतिम छोर पर बसे इस गांव तक पहुंचने के लिए करीब छह किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। गांव में प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल है लेकिन आगे की शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को अमस्यारी जाना पड़ता है। स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने से बीमार होने पर लोगों को 23 किमी दूर गरुड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है। इस दौरान छह किमी की दूरी तक मरीज को डोली पर ले जाना पड़ता है। कभी-कभार गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाए जाते हैं जो नाकाफी हैं।
विज्ञापन

गांव से नजदीकी डाकखाना करीब 18 किमी दूर डंगोली में है जबकि बैंक की सुविधा के लिए गरुड़ आना पड़ता है। गांव के अधिकतर लोग खेतीबाड़ी और मजदूरी करते हैं। जंगली सुअर और बंदरों की बढ़ती संख्या के कारण खेती का काम भी सिमट रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपना दर्द बताते हुए रोने लगी महिलाएं

बागेश्वर। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने गांव पहुुंचकर लोगों की परेशानियों को जाना तो महिलाएं अपना दर्द बताते हुए रोने लगीं। ग्रामीणों ने बताया कि अंतिम छोर पर बसे इस गांव में न तो कोई बड़ा नेता पहुंचता है न अधिकारी। पूर्व में डीएम रहे मंगेश घिल्डियाल ही एकमात्र बड़े अधिकारी हैं, जो 2017 में दाबू गांव आए थे। आज भी गांव के लोग उन्हें याद करते हैं। बाकी अधिकारी या नेताओं के बारे में लोगों को अधिक जानकारी नहीं है।
एक शिक्षक के भरोसे चल रहा प्राथमिक विद्यालय
बागेश्वर। दाबू गांव का प्राथमिक विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे चल रहा है। विद्यालय में 23 विद्यार्थी हैं। पिछले साल तक विद्यालय में एक अतिथि शिक्षक तैनात थे। वर्तमान में एक शिक्षक ही प्रधानाध्यापक और शिक्षण की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
गांव में रोजगार का साधन नहीं होने से युवाओं को पलायन करना पड़ता है। जो लोग गांव में हैं, वे मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं। जंगली जानवर फसल उजाड़ देते हैं जिसके कारण खेती का काम कम हो रहा है। सड़क, स्वास्थ्य की सुविधा नहीं होने से लोग आए दिन परेशानी का सामना करने के लिए मजबूर हैं।
दर्शन राम, ग्रामीण दाबू


रोजमर्रा का सामान लेने के लिए करीब आठ किमी दूर पय्या की दौड़ लगानी पड़ती है। सिलिंडर भी वहीं से भरवाकर खच्चर की मदद से गांव पहुंचाया जाता है। खच्चर के एक फेरे का भाड़ा 300-350 रुपये चुकाना पड़ता है। गांव के कई लोगों को अब तक आवास सुविधा भी नहीं मिल पाई है।
गोपाल राम, ग्रामीण दाबू


शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य गांव की तीन मुख्य समस्याएं हैं। गांव में किसी के बीमार होने पर परेशानी बढ़ जाती है। लोगों को एकत्र कर उसे डोली से सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। कई बार अस्पताल पहुुंचने तक हालात गंभीर हो जाते हैं।
राकेश कुमार, ग्रामीण दाबू


कक्षा आठ के बाद बच्चों को पढ़ने के लिए जंगल के रास्ते दस किमी दूर जाना पड़ता है। रास्ते में गुलदार और अन्य जानवरों का खतरा है। जब तक बच्चे घर नहीं पहुंचते, चिंता लगी रहती है।-गोविंदी देवी, ग्रामीण दाबू


सड़क नहीं होने के कारण सबसे अधिक परेशानी हैै। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सड़क तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है। नजदीक स्कूल नहीं होने से बच्चों को सुबह अंधेरे में ही दौड़ लगानी पड़ती है।

गुड्डी देवी, ग्रामीण दाबू



महानगरों में रोजगार करने वाले जब घर खर्च का रुपया भेजते हैं तो उसे लेने के लिए भी डंगोली या गरुड़ जाना पड़ता है। जिन घरों के पुरुष बाहर रोजगार करते हैं, उन घरों की महिलाओं के लिए रोजमर्रा की सामग्री गांव तक लाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
पुष्पा देवी, गामीण दाबू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed