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पानी के लिए मचा हाहाकार, कब सुध लोगे सरकार
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प्रतीकात्मक फोटो।
कपकोट/बागेश्वर। भदौरा-शामाढुंगा पेयजल योजना माह पूर्व ध्वस्त हुई थी। तब से इसका पुनर्निर्माण नहीं किया जा सका। इस कारण कपकोट तहसील के पोथिंग गांव के तोक दूनी, खलीधार, मातोली, जड़बिला, चोरपानी, शामाढुंगा आदि तोकों में एक माह से पेयजल आपूर्ति ठप है। पानी के लिए गांवों में हाहाकार मचा है। ग्रामीण दो किमी दूर नौलों या प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढो रहे हैं। मवेशियों और पशुओं के लिए पानी जुटाना मुश्किल होते जा रहा है। पूर्व प्रधान हरीश जोशी, पूरन जोशी, गोपाल दत्त, प्रताप सिंह, बलवंत सिंह, भूपाल सिंह, मोहन सिंह आदि ने पेयजल आपूर्ति जल्द सुचारु करने की मांग की।
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क्या कहते हैं लोग
एक महीने से गांव में पानी की आपूर्ति ठप है। दो किमी दूर नौले से पानी ढोना पड़ रहा है। पशुओं और मवेशियों के लिए भी पानी नहीं मिल रहा है। इस कारण काफी परेशानी हो रही है। - गोबर सिंह गढ़िया, खलीधार कपकोट
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एक महीने से ध्वस्त पेयजल योजना को ठीक न कराना जल संस्थान की घोर लापरवाही है। गांव के नौलों में भी पानी कम है। इस कारण लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। - हरीश चंद्र जोशी, पूर्व प्रधान दूनी कपकोट
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इन दिनों गांवों में घास कटाई का काम चल रहा है। गांव में पानी की आपूर्ति ठप होने से परेशानी और भी अधिक बढ़ गई है। परिवार के एक दो सदस्यों का पूरा दिन पानी ढोने में ही बर्बाद हो रहा है। - सतीश चंद्र जोशी, चोरपानी कपकोट
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एक माह से आपूर्ति ठप है। जल संस्थान ने पेयजल आपूर्ति के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। नौलों में सुबह से ही लंबी लाइन लग रही है। लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। - तारा दत्त जोशी, मातोली कपकोट
अधिकारी का कोट
ध्वस्त हुई भदौरा-शामाढुंगा पेयजल योजना के पुनर्निर्माण के लिए बजट की कमी है। बजट मंजूर होने पर योजना का पुनर्निर्माण किया जाएगा। अस्थायी व्यवस्था के तहत दो तीन दिन में योजना की मरम्मत की जाएगी। पानी की आपूर्ति जल्द सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं। - कैलाश चंद्र, जेई जल संस्थान कपकोट (बागेश्वर)
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क्या कहते हैं लोग
एक महीने से गांव में पानी की आपूर्ति ठप है। दो किमी दूर नौले से पानी ढोना पड़ रहा है। पशुओं और मवेशियों के लिए भी पानी नहीं मिल रहा है। इस कारण काफी परेशानी हो रही है। - गोबर सिंह गढ़िया, खलीधार कपकोट
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एक महीने से ध्वस्त पेयजल योजना को ठीक न कराना जल संस्थान की घोर लापरवाही है। गांव के नौलों में भी पानी कम है। इस कारण लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। - हरीश चंद्र जोशी, पूर्व प्रधान दूनी कपकोट
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इन दिनों गांवों में घास कटाई का काम चल रहा है। गांव में पानी की आपूर्ति ठप होने से परेशानी और भी अधिक बढ़ गई है। परिवार के एक दो सदस्यों का पूरा दिन पानी ढोने में ही बर्बाद हो रहा है। - सतीश चंद्र जोशी, चोरपानी कपकोट
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एक माह से आपूर्ति ठप है। जल संस्थान ने पेयजल आपूर्ति के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। नौलों में सुबह से ही लंबी लाइन लग रही है। लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। - तारा दत्त जोशी, मातोली कपकोट
अधिकारी का कोट
ध्वस्त हुई भदौरा-शामाढुंगा पेयजल योजना के पुनर्निर्माण के लिए बजट की कमी है। बजट मंजूर होने पर योजना का पुनर्निर्माण किया जाएगा। अस्थायी व्यवस्था के तहत दो तीन दिन में योजना की मरम्मत की जाएगी। पानी की आपूर्ति जल्द सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं। - कैलाश चंद्र, जेई जल संस्थान कपकोट (बागेश्वर)