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ऑपरेशन टेबल पर मरीज की मौत, हंगामा
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बागेश्वर। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक अधेड़ की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। परिजनों के तेवर देखकर प्रबंधक को छोड़कर अस्पताल का पूरा स्टाफ नदारद हो गया। परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन किया और जल्द अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस के समझाने के बाद परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर सहमति दी।
गरुड़ तहसील के कंस्यारी, गागरीगोल निवासी गंगा सिंह (51) पुत्र नर सिंह को पित्त की थैली में पथरी थी। जांच के लिए परिजन उन्हें द्यांगण गांव में खुले निजी अस्पताल लेकर गए। डॉक्टरों ने जांच के बाद ऑपरेशन करने की बात कही। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के लिए 40 हजार रुपये जमा कराए गए। उसके बाद ऑपरेशन के लिए ले जाया गया। शाम करीब पांच बजे डॉक्टरों ने मरीज की मौत की सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन थियेटर में जाने से गंगा सिंह पूरी तरह से स्वस्थ थे। अचानक उनकी मौत की खबर सुनकर परिजन हक्के-बक्के रह गए। उन्होंने डॉक्टरों से अधेड़ की मौत को लेकर कई सवाल पूछे, जिसका डॉक्टर जवाब नहीं दे सके।
मरीज की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया और मरीज की मौत के लिए डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराया। इस बीच सूचना मिलने पर प्रभारी कोतवाल खष्टी बिष्ट पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गईं। पुलिस क्षेत्राधिकारी शिवराज सिंह राणा और तहसीलदार नवाजिश खलीक भी मौके पर पहुंचे। अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ मौके पर नहीं था। मृतक के भाई मोहन सिंह और परिजन तत्काल अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस के समझाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
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सफल ऑपरेशन का दिया था आश्वासन
बागेश्वर। मृतक के भाई मोहन सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि वह मरीज को ऑपरेशन के लिए बाहर ले जाने की बात सोच रहे थे, लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें सफल ऑपरेशन का आश्वासन दिया था। डॉक्टरों की लापरवाही ने उनके भाई की जान ले ली है।
मरीज के गॉलब्लेडर में पथरी थी। सोमवार को अपराह्न तीन बजे मरीज को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। डॉक्टर एमएस कटारिया ने चीरा लगाया तभी मरीज को कार्डियक अटैक पड़ गया। बचाने की काफी कोशिश की लेकिन नहीं उन्हें बचाया नहीं जा सका। - उपेंद्र सिंह निजी अस्पताल प्रबंधक
मृतक के परिजनों की तहरीर मिली है। सर्वोच्च न्यायालय की गाइड लाइन के अनुसार जिलाधिकारी के आदेश पर मजिस्ट्रेटी जांच होगी। उसके बाद ही मुकदमा दर्ज होगा। - शिवराज सिंह राणा पुलिस क्षेत्राधिकारी बागेश्वर
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गरुड़ तहसील के कंस्यारी, गागरीगोल निवासी गंगा सिंह (51) पुत्र नर सिंह को पित्त की थैली में पथरी थी। जांच के लिए परिजन उन्हें द्यांगण गांव में खुले निजी अस्पताल लेकर गए। डॉक्टरों ने जांच के बाद ऑपरेशन करने की बात कही। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के लिए 40 हजार रुपये जमा कराए गए। उसके बाद ऑपरेशन के लिए ले जाया गया। शाम करीब पांच बजे डॉक्टरों ने मरीज की मौत की सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन थियेटर में जाने से गंगा सिंह पूरी तरह से स्वस्थ थे। अचानक उनकी मौत की खबर सुनकर परिजन हक्के-बक्के रह गए। उन्होंने डॉक्टरों से अधेड़ की मौत को लेकर कई सवाल पूछे, जिसका डॉक्टर जवाब नहीं दे सके।
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मरीज की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया और मरीज की मौत के लिए डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराया। इस बीच सूचना मिलने पर प्रभारी कोतवाल खष्टी बिष्ट पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गईं। पुलिस क्षेत्राधिकारी शिवराज सिंह राणा और तहसीलदार नवाजिश खलीक भी मौके पर पहुंचे। अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ मौके पर नहीं था। मृतक के भाई मोहन सिंह और परिजन तत्काल अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस के समझाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
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सफल ऑपरेशन का दिया था आश्वासन
बागेश्वर। मृतक के भाई मोहन सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि वह मरीज को ऑपरेशन के लिए बाहर ले जाने की बात सोच रहे थे, लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें सफल ऑपरेशन का आश्वासन दिया था। डॉक्टरों की लापरवाही ने उनके भाई की जान ले ली है।
मरीज के गॉलब्लेडर में पथरी थी। सोमवार को अपराह्न तीन बजे मरीज को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। डॉक्टर एमएस कटारिया ने चीरा लगाया तभी मरीज को कार्डियक अटैक पड़ गया। बचाने की काफी कोशिश की लेकिन नहीं उन्हें बचाया नहीं जा सका। - उपेंद्र सिंह निजी अस्पताल प्रबंधक
मृतक के परिजनों की तहरीर मिली है। सर्वोच्च न्यायालय की गाइड लाइन के अनुसार जिलाधिकारी के आदेश पर मजिस्ट्रेटी जांच होगी। उसके बाद ही मुकदमा दर्ज होगा। - शिवराज सिंह राणा पुलिस क्षेत्राधिकारी बागेश्वर