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अब सुगमता से होंगे सरयू के उद्गमस्थल सरमूल के दीदार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 01 Jun 2021 11:32 PM IST
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Now it will be easy to see the origin of Saryu, Sarmool
बागेश्वर (कालिका रावल)। अब सरयू नदी के उद्गमस्थल सरमूल और सहस्त्रधारा के दीदार सुगमता से हो जाएंगे। इसके लिए सरमूल तक का ट्रैकिंग रूट सुविधाजनक बनाया जा रहा है। सात किमी के ट्रैकिंग रूट में व्यू प्वाइंट बनाए जा रहे हैं। सहस्त्रधारा में धर्मशाला निर्माण के साथ ही सरयू मंदिर का सुंदरीकरण किया जा रहा है। जून के अंत तक सुंदरीकरण का काम पूरा होने की उम्मीद है।
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मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप सरमूल, सहस्त्रधारा के सुंदरीकरण के लिए शासन से पर्यटन विभाग को 36.36 लाख रुपये मिले हैं। सहस्त्रधारा जाने के लिए भद्रतुंगा से सात किमी पैदल जाना पड़ता है। इसलिए पर्यटन विभाग की ओर से इस सात किमी रास्ते में खड़ंजे का निर्माण किया जा रहा है। ट्रैकिंग रूट में व्यू प्वाइंट और बैंच बनाए जा रहे हैं। सहस्त्रधारा में धर्मशाला के निर्माण और सरयू मंदिर समूह के सुंदरीकरण का काम तेजी से चल रहा है। सरमूल और सहस्त्रधारा के दीदार के लिए स्थानीय लोगों और शोधार्थियों के साथ ही बड़ी संख्या में सैलानी भी आते हैं। हालांकि कोरोना काल में ट्रैकिंग बाधित है लेकिन हालात सामान्य होते ही सहस्त्रधारा का सैलानियों से गुलजार होना तय है। (संवाद)
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पतियासार से भद्रतुंगा तक सड़क बनने से पांच किमी पैदल दूरी हुई कम
बागेश्वर। सरमूल, सहस्त्रधारा जाने के लिए जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी दूर पतियासार तक वाहन से जाया जा सकता है। पहले सरमूल, सहस्त्रधारा जाने के लिए पतियासार से 12 किमी पैदल जाना पड़ता था। अब भद्रतुंगा तक सड़क का निर्माण हो गया है। भद्रतुंगा से सहस्त्रधारा की दूरी मात्र सात किमी पैदल चलना पड़ता है। हालांकि पतियासार से भद्रतुंगा तक बनी सड़क कच्ची है। उम्मीद है कि देर-सबेर यह सड़क भी पक्की हो सकेगी।
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तेजी से किया जा रहा है, सुंदरीकरण का कार्य
बागेश्वर। जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य का कहना है कि सरमूल, सहस्त्रधारा के सुंदरीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। ट्रैकिंग रूट में खड़ंजा निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो गया है। धर्मशाला का निर्माण कार्य चल रहा है। कुल 36.36 लाख रुपये में से फिलहाल 20 लाख रुपये अवमुक्त हुए हैं। अवशेष रकम की प्रत्याशा में काम तेजी से किया जा रहा है। कार्य पूर्ण होने के बाद सरमूल और सहस्त्रधारा के भ्रमण पर जाने वाले लोगों को खासी सुविधा मिलेगी।
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