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पूरी नहीं हुई बंदरबाड़ा बनाने की हसरत

Sat, 11 Aug 2018 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। Updated Sat, 11 Aug 2018 11:12 PM IST
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने जिले में बंदरबाड़ा बनाने की घोषणा की थी। लेकिन उनकी घोषणा आज तक पूरी नहीं हो सकी है। बंदरों की समस्या के चलते कई किसानों ने काश्तकारी छोड़ दी है। बंदर जहां खेत खलिहान को नुकसान पहुुंचा रहे हैं वहीं वह दुुकानों में रखे कीमती सामान को उठा ले जा रहे हैं।
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कई जगहों पर बंदरों के डर से बच्चे अकेले स्कूल जाने से कतराने लगे हैं। कटखने बंदर कई लोगों को काट भी चुके हैं। इसके बाद भी वन विभाग व शासन द्वारा इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। कुछ समय पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अल्मोड़ा भ्रमण के दौरान हर जिले में बंदरबाड़ा बनाने की घोषणा की थी।  लेकिन बाड़ा बनाने की कवायद आज तक शुरू नहीं हो सकी है। डीएफओ आरके सिंह ने कहा कि बंदरबाड़े बनाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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काेट...
 -बंदरों के आतंक से दुकानदारी खासी प्रभावित हो गई है। कपकोट और पुल बाजार को जोड़ने के लिए सरयू के ऊपर बनी पैदल पुल में बंदरों को जमावड़ा रहता है। दुुकान से कीमती सामान उठा ले जाते हैं।
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कैलाश जोशी व्यापारी पुल बाजार

- खेतों की बुवाई होतेेेे ही बंदर सक्रिय हो जाते हैं। बंदरों के आतंक से अब तक कई लोगों की खेतीबाड़ी छोड़ दी है। इतना ही नहीं बंदर घरों में घुसकर वहां रखे सामान को भी ले जा रहे हैं।
महिमन कपकोटी पूर्व उप प्रधान को

-कृषि किसानों की रीड़ है। कई किसानों का छह से साल भर का अनाज होता है जबकि अनेक काश्तकार अपनी आवश्यकता की पूर्ति के बाद अनाज बेचते भी हैं। बंदरों के आतंक से कृषि खासी प्रभावित हो गई है।
कमलेश जोशी-निवासी जोशी गांव

-फलोत्पादन से कई उत्पादकों की आर्थिक स्थिति में हो सकती है। बंदर हैं कि वह पेड़ों में फूल आते की बंदर सक्रिय हो जाते हैं। बंदरों से निजात पाने के लिए अब तक कई बार मांग कर दी गई है। लेकिन आज तक कोई सुनवाई हो पाई।

-गांव-गांव में बंदरों के झुंड सक्रिय हैं। बंदरों ने खेतीबाड़ी के साथ ही शाकभाजी बुरी तरह प्रभावित कर दी है। हांकने पर वह काटने को आ रहे हैं। नंद किशोर लोहनी 


- यदि शासन बंदरों से निजात दिला दे तो इससे किसानों की कृषि, शाकभाजी और फलोत्पादन से आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी। पलायन पर भी अंकुश लग जाएगा। 

-मुख्यमंत्री ने हर जिले में बंदरबाड़ा बनाने की घोषणा की है। इनमें भारत वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत के तहत बंदरों का बधियाकरण होगा। सीएम की घोषणा शीघ्र ही रंग लाएगी। -चंदन राम दास विधायक बागेश्वर 
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