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सौ परिवार वाले तल्ला सूपी में पानी की व्यवस्था नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Sat, 23 Sep 2017 10:29 PM IST
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वीरांगना महिला पंचायत प्रतिनिधि संगठन के नेतृत्व में जागरूक मंच तरसाल और सूपी के ग्रामीणों की बैठक में सांसद आदर्श गांव की समस्याओं पर चर्चा की गई। बैठक में तल्ला सूपी में जल संकट की समस्याओं को दूर करने के लिए कोई पहल नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। महिलाओं ने पेयजल की व्यवस्था करने के साथ ही इंटर कॉलेज में रिक्त चल रहे शिक्षकों के पदों को शीघ्र भरने की मांग भी उठाई।
ग्रामीणों ने कहा कि तल्ला सूपी में अनुसूचित जाति के करीब सौ परिवार रहते हैं। इन परिवारों के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। सांसद आदर्श गांव होने के बावजूद लोगों को गधेरों से पानी की आपूर्ति करनी पड़ रही है। सूपी इंटर कॉलेज शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। क्षेत्र का एकमात्र इंटर कॉलेज होने के कारण शिक्षकों के अभाव में छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। इसके अलावा क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क बदहाल है।
हर साल बरसात में अधिकांश दिनों सड़क बंद रहती है। सड़क खुलने पर भी जान हथेली पर रखकर वाहनों का संचालन करना पड़ रहा है। महिलाओं ने कहा कि यदि क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेेगा। बैठक में ग्राम प्रधान भागीरथी, उमा, नारायणी, पार्वती, चतुरा, तिलगा, पुष्पा, विमला, हरुली, चंपा, चंद्रा, लीला, सुपुली, रमा, शोभा, धरमा, कमला, मोहनी सहित ग्रामीण उत्थान समिति की तारा, बरखा, बसंती, हिमानी, अनीता आदि महिलाएं थीं।
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ग्रामीणों ने कहा कि तल्ला सूपी में अनुसूचित जाति के करीब सौ परिवार रहते हैं। इन परिवारों के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। सांसद आदर्श गांव होने के बावजूद लोगों को गधेरों से पानी की आपूर्ति करनी पड़ रही है। सूपी इंटर कॉलेज शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। क्षेत्र का एकमात्र इंटर कॉलेज होने के कारण शिक्षकों के अभाव में छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। इसके अलावा क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क बदहाल है।
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हर साल बरसात में अधिकांश दिनों सड़क बंद रहती है। सड़क खुलने पर भी जान हथेली पर रखकर वाहनों का संचालन करना पड़ रहा है। महिलाओं ने कहा कि यदि क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेेगा। बैठक में ग्राम प्रधान भागीरथी, उमा, नारायणी, पार्वती, चतुरा, तिलगा, पुष्पा, विमला, हरुली, चंपा, चंद्रा, लीला, सुपुली, रमा, शोभा, धरमा, कमला, मोहनी सहित ग्रामीण उत्थान समिति की तारा, बरखा, बसंती, हिमानी, अनीता आदि महिलाएं थीं।
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