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वार्डब्वाय के सहारे चल रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खंतोली
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बागेश्वर खंतोली गांव का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। खंतोली गांव का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) वार्ड ब्वाय के सहारे चल रहा है। अस्पताल में एलोपैथिक और आयुष डॉक्टर के अलावा फार्मासिस्ट का पद भी इन दिनों रिक्त चल रहा है। डॉक्टर और फार्मासिस्ट के नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को इलाज कराने के लिए कांडा आना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विभाग से जल्द रिक्त पदों के सापेक्ष तैनाती कराने की मांग की है।
कांडा तहसील के खंतोली गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की एलोपैथिक डॉक्टर एक मई से पीजी करने गई हैं। उनके स्थान पर दूसरे चिकित्सक की व्यवस्था नहीं होने से पद खाली है। आयुष चिकित्सक इन दिनों मातृत्व अवकाश पर हैं, जिसके कारण अस्पताल में कोई भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, अस्पताल में फार्मासिस्ट उपनल के तहत तैनात किए गए थे। 31 मार्च को कोविड उपनल कर्मियों का अनुबंध समाप्त होने के बाद से फार्मासिस्ट का पद भी खाली चल रहा है। डॉक्टर और फार्मासिस्ट नहीं होने के कारण अस्पताल की जिम्मेदारी वार्ड ब्वाय पर है।
ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधा की सुध लेने वाला कोई नहीं है। अस्पताल में डॉक्टर नहीं होने से लोगों को इलाज के लिए अन्यत्र जाना पड़ रहा है। सर्दी, जुकाम की दवा लेने भी कांडा की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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गणेश धामी, पूर्व प्रधान
क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग स्वास्थ्य सुविधा के लिए खंतोली के अस्पताल पर निर्भर हैं। डॉक्टर और फार्मासिस्ट के पद रिक्त होने से लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। विभाग को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।
एलएम पंत, व्यापारी
खंतोली के अस्पताल में दो डॉक्टरो के पद रिक्त होने के बावजूद विभाग संज्ञान नहीं ले रहा है। रोजाना लोग अस्पताल आने के बाद बैरंग लौट रहे हैं। विभाग को कई बार सूचित किया गया है। अस्पताल में जल्द रिक्त पदों को भरा जाना चाहिए।
कल्पना चंदोला, क्षेपं सदस्य रिखाड़ी
जिले के अस्पतालों में रिक्त पड़े चिकित्सकों के पदों की सूची शासन को भेजी गई है। इस सप्ताह सात नए डॉक्टरों की नियुक्ति जिले में होनी है। प्राथमिकता के अनुसार एक डॉक्टर खंतोली में तैनात किए जाएंगे।
डॉ. हरीश पोखरिया, डिप्टी सीएमओ बागेश्वर
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कांडा तहसील के खंतोली गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की एलोपैथिक डॉक्टर एक मई से पीजी करने गई हैं। उनके स्थान पर दूसरे चिकित्सक की व्यवस्था नहीं होने से पद खाली है। आयुष चिकित्सक इन दिनों मातृत्व अवकाश पर हैं, जिसके कारण अस्पताल में कोई भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, अस्पताल में फार्मासिस्ट उपनल के तहत तैनात किए गए थे। 31 मार्च को कोविड उपनल कर्मियों का अनुबंध समाप्त होने के बाद से फार्मासिस्ट का पद भी खाली चल रहा है। डॉक्टर और फार्मासिस्ट नहीं होने के कारण अस्पताल की जिम्मेदारी वार्ड ब्वाय पर है।
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ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधा की सुध लेने वाला कोई नहीं है। अस्पताल में डॉक्टर नहीं होने से लोगों को इलाज के लिए अन्यत्र जाना पड़ रहा है। सर्दी, जुकाम की दवा लेने भी कांडा की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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गणेश धामी, पूर्व प्रधान
क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग स्वास्थ्य सुविधा के लिए खंतोली के अस्पताल पर निर्भर हैं। डॉक्टर और फार्मासिस्ट के पद रिक्त होने से लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। विभाग को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।
एलएम पंत, व्यापारी
खंतोली के अस्पताल में दो डॉक्टरो के पद रिक्त होने के बावजूद विभाग संज्ञान नहीं ले रहा है। रोजाना लोग अस्पताल आने के बाद बैरंग लौट रहे हैं। विभाग को कई बार सूचित किया गया है। अस्पताल में जल्द रिक्त पदों को भरा जाना चाहिए।
कल्पना चंदोला, क्षेपं सदस्य रिखाड़ी
जिले के अस्पतालों में रिक्त पड़े चिकित्सकों के पदों की सूची शासन को भेजी गई है। इस सप्ताह सात नए डॉक्टरों की नियुक्ति जिले में होनी है। प्राथमिकता के अनुसार एक डॉक्टर खंतोली में तैनात किए जाएंगे।
डॉ. हरीश पोखरिया, डिप्टी सीएमओ बागेश्वर