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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ खिलवाड़ न हो
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Thu, 16 Nov 2017 10:33 PM IST
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बागेश्वर में गोष्ठी करते मीडियाकर्मी
- फोटो : Amar ujala
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राष्ट्रीय प्रेस दिवस के मौके पर जिला सूचना कार्यालय के सूचना केंद्र कक्ष में विचार गोष्ठी हुई। भारतीय प्रेस परिषद द्वारा गोष्ठी का विषय मीडिया के सामने चुनौतियां निर्धारित किया गया था। अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी राजेंद्र सिंह परिहार की अध्यक्षता में आयोजित उक्त विचार गोष्ठी में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉंनिक मीडिया से जुड़े विभिन्न मीडिया कर्मियों ने अपने विचार रखे।
गोष्ठी में मुख्य रूप से मीडिया कर्मियों की सुरक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता आदि मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा वर्तमान समय में पत्रकारिता में आए भारी व्यवसायीकरण से पैदा हुई और हो रही विभिन्न प्रकार की सम-विषम परिस्थितियों और चुनौतियों पर भी बात रखी।
मीडिया कर्मियों द्वारा रखे जाने वाली विभिन्न प्रकार की समस्याओं को सूचीबद्ध कर शासन को प्रेषित करने और शासन को भी संबंधित समस्याओं को गंभीरता से लेने को कहा। जनहित एवं विकास के मुद्दों पर मीडिया एवं प्रशासन की आपसी सामंजस्यता को लेकर भी वृहद चर्चा हुई।
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अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी राजेंद्र सिंह परिहार ने जानकारी देते हुए कहा कि 16 नवंबर भारत में राष्ट्रीय प्रेस दिवस के रूप में मनाया जाता है इसी दिन भारतीय प्रेस परिषद ने वर्ष 1966 में कार्य करना शुरू किया था इसलिए यह दिन प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारिता में आचारनीति का प्रतीक है।
वहां रमेश पांडेय कृषक, घनयाम जोशी, चंदन परिहार, जगदीश उपाध्याय, महीप पांडे, हिमांशु सगटा, संतोश फुलारा, सुंदर सुरकाली, हरीश नगरकोटी, सुरेश पांडेय, मनीष पांडे आदि उपस्थित थे। संचालन दीपक पाठक ने किया।
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गोष्ठी में मुख्य रूप से मीडिया कर्मियों की सुरक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता आदि मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा वर्तमान समय में पत्रकारिता में आए भारी व्यवसायीकरण से पैदा हुई और हो रही विभिन्न प्रकार की सम-विषम परिस्थितियों और चुनौतियों पर भी बात रखी।
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मीडिया कर्मियों द्वारा रखे जाने वाली विभिन्न प्रकार की समस्याओं को सूचीबद्ध कर शासन को प्रेषित करने और शासन को भी संबंधित समस्याओं को गंभीरता से लेने को कहा। जनहित एवं विकास के मुद्दों पर मीडिया एवं प्रशासन की आपसी सामंजस्यता को लेकर भी वृहद चर्चा हुई।
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अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी राजेंद्र सिंह परिहार ने जानकारी देते हुए कहा कि 16 नवंबर भारत में राष्ट्रीय प्रेस दिवस के रूप में मनाया जाता है इसी दिन भारतीय प्रेस परिषद ने वर्ष 1966 में कार्य करना शुरू किया था इसलिए यह दिन प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारिता में आचारनीति का प्रतीक है।
वहां रमेश पांडेय कृषक, घनयाम जोशी, चंदन परिहार, जगदीश उपाध्याय, महीप पांडे, हिमांशु सगटा, संतोश फुलारा, सुंदर सुरकाली, हरीश नगरकोटी, सुरेश पांडेय, मनीष पांडे आदि उपस्थित थे। संचालन दीपक पाठक ने किया।