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शराब नहीं, पहाड़ का विकास चाहिए
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, कपकोट (बागेश्वर)।
Updated Tue, 14 Apr 2015 11:52 PM IST
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शराब के खिलाफ महिलाओं का आंदोलन दिन-ब-दिन जोर पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को भी बड़ी तादाद में महिलाएं जुलूस लेकर भराड़ी बाजार आ धमकीं। हाथ में बिच्छू घास थामे महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने बाजार स्थित अंग्रेजी और देसी शराब की दुकान के आगे धरना दे दिया। इस दौरान पियक्कड़ शराब की दुकानों के आगे भी नहीं फटके। महिलाओं ने दो टूक कहा कि दुकानें हटाने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्हें शराब नहीं, बल्कि पहाड़ का विकास चाहिए।
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मंगलवार अपराह्न महिलाएं मंगल दल की अध्यक्ष आनंदी मेहता की अगुवाई में बाराही देवी के मंदिर में एकत्रित हुई। यहां से वह नारेबाजी करती हुई शराब की दुकानों के आगे पहुंची। यहां उन्होंने शासन प्रशासन के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की। सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार इलाके का विकास कराने के बजाए शराब को प्राथमिकता दे रही है। लोगों के कड़ी मेहनत का पैसा शराब में जा रहा है। शराब के कारण प्रभावित परिवारों की आर्थिक हालत बहुत बुरी हो गई है। नशेड़ियों के आतंक से जहां महिलाओं का बाजार में आना मुश्किल हो गया है वहीं भले लोगों के अलावा व्यापारियों को भी परेशानी हो रही है।
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आबकारी विभाग दुकानों से ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही तस्करी को रोकने में नाकाम रहा है। पुलिस और प्रशासन दुकानों को हटाने के बजाए शराब के कारोबारियों के पक्ष में बात कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शांतिपूर्वक चल रहे आंदोलन को छेड़ा गया तो वह सैकड़ाें की संख्या में महिलाएं अनशन में बैठ जाएंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दुकानें हट नहीं जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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धरना प्रदर्शन में नगर पंचायत अध्यक्ष चंपा देवी, लीला गढ़िया, विमला गढ़िया, मधु ऐठानी, गोपुली देवी, नंदी, रीता ऐठानी, पुष्पा देवी, मुन्नी, प्रेमा आर्या, रीता देवी, गीता ऐठानी, कुंथी कोरंगा और गोपुली देवी, नंदी ऐठानी, पुष्पा देवी, रेवती, खष्टी, उषा दानू, बसंती, कौशल्या देवी आदि शामिल थे।