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एनजीटी मे मानकों की अनदेखी पड़ी भारी, दो खड़िया खदानों पर रोक
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
Updated Fri, 15 Dec 2017 10:38 PM IST
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अवैध खड़िया खनन और खदान क्षेत्र में अनियमितता पाए जाने पर जिला प्रशासन ने दो खड़िया खदानों में खनन पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी है। साथ ही मजदूरों के लिए शौचालय न बनाने और कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था नहीं करने पर पट्टाधारकों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से पट्टाधारकों में हड़कंप मच गया है।
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डीएम रंजना राजगुरु के निर्देशन में अवैध खनन पर अंकुश लगाने और एनजीटी के आदेशों का पालन कराने को लेकर एसडीएम श्याम सिंह राणा और खान अधिकारी रवि नेगी के नेतृत्व में गठित टीमों ने कई खड़िया खदानों में छापेमारी की। इस दौरान किमोली और पोखरी में स्थित खड़िया खदानों में कई अनियमितताएं पाई गईं। खड़िया खदानों में मजदूरों से बिना हेलमेट के ही कार्य कराया जा रहा था। मजदूरों के लिए शौचालय की भी कोई व्यवस्था नहीं मिली। खनन क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से खनन क्षेत्र के तीव्र ढलान पर उचित माप की बैंचिंग नहीं की गई थी।
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डीएम ने बताया कि खदान में लगे मजदूरों की सुरक्षा के लिए मौके पर कोई इंतजाम नहीं मिले। कोई फर्स्टएड बॉक्स भी नहीं रखा गया था। खनन क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगाए गए थे। इन कमियों को देखते हुए दोनों खनन पट्टा धारकों के खदान क्षेत्र में अस्थायी रूप से खनन कार्य और निकासी पर रोक लगाई है। यह रोक निरीक्षण में मिली कमियों को पूरी तरह से दूर करने तक रहेगी।
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